दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने CES 2026-27 के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। इस योजना (Competence Enhancement Scheme) के तहत कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपनी पसंद का चुना हुआ पेपर पढ़ सकता है। इसके लिए उम्र या नौकरी जैसी कोई बाधा नहीं है। DU ने इस योजना को आजीवन सीखने के अवसर के तौर पर शुरू किया है। इस योजना का फायदा नौकरी करने वाले लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और ऐसे लोगों को मिल सकता है जो किसी विषय को किसी भी उम्र में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन डिग्री प्रोग्राम करने का समय नहीं है।
इच्छुक उम्मीदवार CES के आधिकारिक पोर्टल ces.du.ac.in के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। CES के तहत उम्मीदवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों और विभागों में चल रहे मौजूदा कोर्स के चुनिंदा पेपर ले सकते हैं। इन पेपर की कक्षाएं नियमित छात्रों के साथ ही होती हैं। हालांकि, जिस पेपर के लिए आवेदन करेंगे, उसके लिए तय शैक्षणिक योग्यता और दूसरी जरूरी शर्तें पूरी करनी होगी।
इस योजना की खास बात यह भी है कि उम्मीदवार को पूरे डिग्री प्रोग्राम के लिए एडमिशन लेने की जरूरत नहीं है। वह अपनी रुचि और जरूरत के हिसाब से केवल चुने हुए पेपर पढ़ सकता है।
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अधिकतम दो कोर्स या 8 क्रेडिट तक आवेदन
CES के तहत उम्मीदवार अधिकतम दो कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा अधिकतम 8 क्रेडिट तक पढ़ाई करने की अनुमति होगी। इनमें से जो सीमा पहले पूरी होगी, वहीं आवेदन की सीमा मानी जाएगी।
किसी उम्मीदवार को संबंधित कॉलेज या विभाग में सीट उपलब्ध होने पर ही दाखिला मिलेगा। CES के लिए रखी गई सीटें नियमित सीटों से अलग होंगी और इन्हें Supernumerary Seats के नाम से जाना जाएगा। DU की CES जानकारी के अनुसार, किसी कोर्स में उपलब्ध सीटों की संख्या सीमित रहती है।
आवेदन में देनी होगी पेपर की पूरी जानकारी
आवेदन करते समय उम्मीदवार को उस पेपर की पूरी जानकारी देनी होगी जिसे वह पढ़ना चाहता है। इसमें प्रोग्राम का नाम, सेमेस्टर, कोर्स का नाम, कोर्स कोड और क्रेडिट जैसी जानकारी शामिल होगी।
नौकरी करने वाले उम्मीदवारों के लिए क्या?
अगर उम्मीदवार नौकरी कर रहा है तो उसे अपने नियोक्ता यानी employer से No Objection Certificate (NOC) भी अपलोड करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित कार्यालय फॉर्म की जांच करेगा। जब आवेदन का स्टेटस Verified हो जाएगा, तभी उम्मीदवार फीस जमा कर सकेगा। फीस जमा करने के बाद उसकी रसीद संबंधित कार्यालय में जमा करनी होगी।
उद्देश्य
इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को भी पढ़ाई का मौका देना है जो पहले किसी कारण से औपचारिक शिक्षा आगे नहीं बढ़ा सके। साथ ही, जो लोग पहले से काम कर रहे हैं, वे अपने ज्ञान और पेशे से जुड़ी क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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