Delhi Govt Class 9 R3 Rule: दिल्ली के सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने तीसरी भाषा यानी R3 को लेकर जारी किए गए अपने पुराने निर्देश में बदलाव कर दिया है। अब 9वीं कक्षा में R3 विषय में फेल होने के कारण किसी छात्र को 10वीं की बोर्ड परीक्षा से नहीं रोका जाएगा। बता दें, अभी तक नियम था कि 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा (R3) के विषय में यदि कोई छात्र पास नहीं होगा तो उसे 10वीं बोर्ड परीक्षा की अनुमति नहीं मिलेगी। अब शिक्षा विभाग ने इस संबंध में नया नोटिस जारी कर निर्णय को उलट दिया है, जो दिल्ली के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर बन गई है।
क्या था पूरा मामला?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE) 2023 के तहत CBSE ने तीन भाषा पढ़ने की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत 9वीं और 10वीं कक्षा में छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होता है। इनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी जरूरी हैं।
इस संबंध में 17 अगस्त को दिल्ली शिक्षा निदेशालय की ओर से 9वीं कक्षा की परीक्षा और प्रमोशन को लेकर एक सर्कुलर जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि अगर कोई छात्र तीसरी भाषा यानी R3 में फेल होता है, तो उसे 10वीं में प्रमोट तो किया जा सकता है, लेकिन R3 पास किए बिना वह 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए पात्र नहीं होगा।
जाहिर है, इस नियम के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी।
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अब CBSE के नियम के हिसाब से होगा फैसला
CBSE के पहले जारी निर्देश के मुताबिक R3 का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होने वाले इंटरनल असेसमेंट के जरिए किया जाएगा। R3 में पास होना सर्टिफिकेट के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन इस विषय में कम अंक आने या फेल होने के कारण छात्र को 10वीं की बोर्ड परीक्षा से नहीं रोका जाएगा। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अब इसी व्यवस्था को मानने का फैसला किया है। यानी 9वीं और 10वीं के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी और इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है।
R3 की अलग से 10वीं बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। इस विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा। R3 में मिले अंक छात्र के CBSE सर्टिफिकेट में दर्ज किए जाएंगे, लेकिन केवल इस विषय में पास न होने के आधार पर छात्र को 10वीं बोर्ड परीक्षा देने से वंचित नहीं किया जाएगा।
इस बदलाव के बाद 9वीं और 10वीं के छात्रों को R3 को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं करनी होगी। हालांकि, छात्रों के लिए जरूरी है कि वे सभी विषयों की पढ़ाई गंभीरता से करें और स्कूल की ओर से बताए गए आंतरिक मूल्यांकन के नियमों का पालन करें।
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