CBSE Re-evaluation 2026: एक्स्ट्रा मार्क्स कैसे जुड़ते हैं, बोर्ड ने बताया पूरा नियम

सीबीएसई ने कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर नया अपडेट दिया है। कई छात्रों ने अपनी स्कैन कॉपी मिलने के बाद देखा कि मार्किंग शीट के नंबर फाइनल रिजल्ट से अलग है। इसी को लेकर CBSE ने पूरी प्रक्रिया समझाई है।

CBSE Re-evaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर छात्रों की शिकायत दूर करते हुए कुछ जानकारी साझा की है। बोर्ड ने बताया कि जिन पेपर में आंतरिक विकल्प (Internal option) होते हैं, वहां अगर कोई छात्र तय संख्या से ज्यादा सवाल हल कर देता है तो उसे नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। ऐसे मामलों में सिस्टम उन सभी उत्तरों को जांचता है और सबसे ज्यादा अंक वाला उत्तर ही फाइनल रिजल्ट में जोड़ा जाता है।

CBSE Re evaluation 2026

CBSE Re-evaluation 2026

कई छात्रों ने अपनी स्कैन कॉपी मिलने के बाद देखा कि मार्किंग शीट पर लिखे नंबर और फाइनल रिजल्ट में अंतर है। इसी को लेकर CBSE ने पूरी प्रक्रिया समझाई है। बोर्ड के मुताबिक, जब कोई छात्र एस्ट्रा आंसर करता है तो मूल्यांकन के समय उन सबका नंबर दिया जाता है। लेकिन रिजल्ट बनाते वक्त केवल वही आंसर काउंट होता है, जिसमें छात्र को सबसे ज्यादा अंक मिले हों। बाकी उत्तर को आंसर शीट में स्टार (*) लगाकर अलग कर दिया जाता है, ताकि छात्र आसानी से समझ सकें कि कौन-सा नंबर फाइनल में शामिल हुआ है।

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