CBSE मार्किंग पोर्टल में बड़ी चूक, 19 वर्षीय छात्र ने परीक्षा से पहले ही हैक किया था पूरा सिस्टम, खोले सुरक्षा के राज

CBSE मार्किंग सिस्टम को लेकर बेहद चौंका देने वाली खबर सामने आई है। परीक्षा के कुछ महीने पहले एक 19 वर्षीय एथिकल हैकर ने सिस्टम को हैक कर सुरक्षा खामियों को उजागर किया था।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर शिकायतों का सिलसिला जारी है। एक विवाद खत्म नहीं होता है कि दूसरा तैयार हो रहा है। सर्वर डाउन, पेमेंट फेल्ड, धुंधली कॉपी, आंसर कॉपियों की हेरफेर और सप्लीमेंट्री शीट गायब होने की घटनाओं ने पहले ही छात्रों को परेशान कर रखा है। इसी बीच, डिजिटल प्रणाली को लेकर एक और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग, जो खुद 12वीं के छात्र है, ने दावा किया है कि उसने परीक्षा शुरू होने से महीनों पहले ही सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन-मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक करते हुए सुरक्षा खामियों को उजागर कर दिया था।

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क्या है ऑन-स्क्रीन-मार्किंग प्रणाली?

सीबीएसई ने इस साल कक्षा 12वीं की आंसर कॉपियों को ऑनलाइन चेक किया था। यह सिस्टम पहली बार इस्तेमाल किया गया है। रिवैल्यूएशन की खामियों के बारे में जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली क्या है? बोर्ड परीक्षाओं की स्कैन की गई आंसर कॉपियों की डिजिटल जांच के लिए इस ऑनलाइन प्रणाली (OSM) का उपयोग किया जाता है। चूंकि इस पोर्टल पर लाखों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य निर्भर करता है, इसलिए इसे शत-प्रतिशत सुरक्षित रखना अनिवार्य है। भारत में इस तरह के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी 'सर्ट-इन' की होती है।

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