CBSE Board Second Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 के बाद एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में छात्र अब Second Phase Board Exams के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं, ताकि वे पहले चरण (Phase 1) में कम आए अंकों को सुधार सकें। आपको पता होगा कि सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी कर चुकी है। इस बार सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) छात्रों के मूल्यांकन के तरीके में एक बड़ा बदलाव कर रहा है। इस बार से सीबीएसई Second Board Exam का आयोजन करेगा। आसान भाषा में कहें तो इस एकेडमिक सत्र से, छात्रों को एक साल में दो बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। दूसरी बोर्ड परीक्षा मई में होगी, इसमें वे छात्र हिस्सा ले सकेंगे, जो अपने स्कोर को बेहतर करना चाहते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, इस सुधार का मकसद परीक्षा के भारी दबाव को कम करना और मूल्यांकन प्रक्रिया में लचीलापन लाना है।
CBSE बोर्ड 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा
20–35% छात्र देंगे दोबारा परीक्षा
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल गणित और विज्ञान के पेपर अपेक्षा से अधिक कठिन और लंबे थे। इसी वजह से कई छात्रों का कुल स्कोर प्रभावित हुआ। माना जा रहा है 20 से 35 प्रतिशत छात्र दोबारा परीक्षा देने में रुचि दिखा रहे हैं।
क्या वास्तव में कठिन था गणित और विज्ञान पेपर?
छात्रों से की गई बातचीत से पता चला कि:
- गणित और विज्ञान दोनों पेपर अपेक्षा से ज्यादा कठिन थे
- कई छात्रों को पेपर टाइमटेकिंग लगा
बता दें, पुणे रीजन (जिसमें महाराष्ट्र शामिल है) इस बार रैंकिंग में गिरावट के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गया।
CBSE बोर्ड 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा
क्या दूसरा मौका सही है?
जहां एक तरफ कई छात्र इस मौके को बेहतर मान रहे हैं, वहीं टॉपर्स की राय थोड़ी अलग है।
एक छात्र ने कहा:
सुधार का मौका अच्छा है, लेकिन इसमें करीब 2 महीने का समय लगेगा।
एक अन्य छात्र ने कहा:
पहली कोशिश में ही पूरी मेहनत करनी चाहिए, अगर रिजल्ट ठीक है, तो दोबारा परीक्षा देने से बेहतर है कक्षा 11 पर ध्यान दें।
CBSE Board Second Exam Date 2026
- परीक्षा तिथि: 15 मई से 1 जून 2026
- छात्र अधिकतम 3 विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
इस बार छात्रों के पास एक अतिरिक्त विकल्प भी है:
- Standard Math → Basic Math
- या Basic Math → Standard Math
फायदा और नुकसान
फायदा:
- स्कोर सुधारने का मौका
- फाइनल मार्कशीट में बदलाव
नुकसान:
2 महीने का समय और ऊर्जा लगेगी, दिमाग में 10वी बोर्ड परीक्षा चलती रहेगी। कक्षा 11वीं की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है।
