Bihar School Timing Changed: बढ़ती गर्मी को देखते हुए और बच्चों की सेहत के लिए बिहार शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी 80,000 सरकारी स्कूलों में स्कूलों के समय में बदलाव होने जा रहा है। अब सभी बच्चों की शिफ्ट सुबह लगाई जाएगी और ये फैसला 6 अप्रैल से लागू भी कर दिया जाएगा। बच्चों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिल सके, इसलिये शिक्षा विभाग ने ये फैसला लिया है। पढ़ाई का आखिरी घंटा व्यवस्थित शैक्षणिक काम के साथ खत्म होगा, जिसके बाद छात्रों को छुट्टी दे दी जाएगी। शिक्षक स्कूल के दिन के बाकी बचे 10 मिनट का इस्तेमाल हेडमास्टर की देखरेख में पाठों की समीक्षा करने, होमवर्क जांचने और अगले दिन की योजना बनाने के लिए करेंगे।
Bihar School Timetable change
बिहार में बदल गई स्कूलों की टाइमिंग
नए शेड्यूल के तहत बिहार के सभी सरकारी स्कूल सुबह 6:30 बजे शुरू होंगे, जिसमें 30 मिनट की प्रार्थना और सुबह की सभा होगी। वहीं दोपहर 12:20 बजे स्कूल खत्म हो जाएगा। लेकिन शिक्षक दोपहर 12:30 बजे तक स्कूल परिसर में ही रहेंगे। ये बदला हुआ टाइम-टेबल कई जिलों में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पहले के निर्देशों (मेमो नंबर 664, दिनांक 4 अप्रैल, 2025) के अनुसार जारी किया गया है।
कैसा होगा बदला हुआ शेड्यूल ?
शेड्यूल के मुताबिक पढ़ाई के पहले तीन पीरियड सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच होंगे, जिनमें से हर पीरियड 40 मिनट का होगा। इसके बाद सुबह 9 बजे से 9:40 बजे तक 40 मिनट का ब्रेक होगा। प्राइमरी स्कूलों में इस ब्रेक के दौरान मिड-डे मील दिया जाएगा। ब्रेक के बाद क्लासें सुबह 9:40 बजे फिर से शुरू होंगी और दोपहर 12:20 बजे तक चार और पीरियड चलेंगी।
बताते चलें कि पढ़ाई का आखिरी घंटा व्यवस्थित शैक्षणिक काम के साथ खत्म होगा, जिसके बाद छात्रों को छुट्टी दे दी जाएगी। शिक्षक स्कूल के दिन के बाकी बचे 10 मिनट का इस्तेमाल हेडमास्टर की देखरेख में पाठों की समीक्षा करने, होमवर्क जांचने और अगले दिन की योजना बनाने के लिए करेंगे।
इस शेड्यूल से समझें बच्चों का बदला हुआ समय Bihar New School Timing:
- स्कूल आने का समय और प्रार्थना: सुबह 6:30 बजे।
- पढ़ाई शुरू होने का समय- सुबह 7 बजे पहली घंटी बजेगी।
- लंच ब्रेक- सबह 9 बजे से 9:40 बजे तक। (बच्चों को मिड-डे मील मिलेगा)
- बच्चों की छुट्टी- दोपहर 12:20 बजे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों में एक जैसा पालन सुनिश्चित करने और पढ़ाई की क्वालिटी को बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
