ब्लास्ट के महीने भर बाद सख्त सुरक्षा के बीच लाल किले में यूनेस्को की बैठक; धमाके की जगह अब भी दिख रही कालिख

दिल्ली धमाके के बाद लाल किले में यूनेस्को की बैठक हो रही है। सुरक्षा के इंतजाम बेहद कड़े हैं। केवल मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों और मीडिया को ही प्रवेश दिया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

Delhi News: दिल्ली के चांदनी चौक की ओर से लाल किला परिसर में प्रवेश करने वाले प्रतिनिधियों को सुरक्षा बैरिकेड्स से होकर गुजरना पड़ रहा है। लाहौरी गेट के पास बने कड़े सुरक्षा घेरे को पार करने के बाद ही वे उस स्थान तक पहुंच पा रहे हैं, जहां भारत में पहली बार आयोजित हो रही यूनेस्को (UNESCO) की एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है।

red fort unesco meeting

लाल किले पर UNESCO प्रतिनिधियों की बैठक (फाइल फोटो)

मुगल-कालीन इस विश्व धरोहर स्थल पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टीमें चौबीसों घंटे सतर्क निगरानी रख रही हैं, न सिर्फ परिधि क्षेत्र पर, बल्कि अंदरूनी हिस्सों में भी कड़ी सुरक्षा तैनात है। ब्लास्ट के बाद बढ़ी सुरक्षाभारत 8 दिसंबर से 13 दिसंबर तक लाल किले में ‘इंटरगवर्नमेंटल कमिटी फॉर द सेफगार्डिंग ऑफ द इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज’ के 20वें सत्र की मेजबानी कर रहा है। यह आयोजन 10 नवंबर को हुए धमाके की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जिसमें 15 लोगों की मौत और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। ASI के अधीन आने वाला लाल किला 5 दिसंबर से आम पर्यटकों के लिए बंद है। एक अधिकारी के अनुसार, इसे 14 दिसंबर तक बंद रखा जाएगा।

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