Gihaziabad Crime: गाजियाबाद में एक महिला से 47 लाख रुपए की लूट होने का मामला सामने आया है। महिला को डिजिटल अरेस्ट कर उसके साथ लूट की यह घटना हुई है। साइबर ठगों ने महिला को ठगने के लिए उसे जेल में भेजने की धमकी दी और फिर पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर महिला को धमकाया कि वह मनी लांड्रिंग में शामिल है और जेल जाने से बचना चाहती है तो उसे रकम ट्रांसफर करनी होगी।
गाजियाबाद में महिला से ठगी।
ठगों ने ड्रग्स से भरा कोरियर आने की बात कही
इंदिरापुरम के नीति खंड एक निवासी सौम्या जिंदल ने अपनी शिकायत में कहा है कि जालसाजों ने पुलिस के नाम से उन्हें फोन किया। उन्होंने बताया कि उसके नाम से ड्रग्स से भरा को एक कोरियर आया है। इस पैकेट में अमेरिकी डॉलर, ड्रग्स और आधार कार्ड हैं। खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले ठग ने महिला को बताया कि छह बैंक खातों में उनका आधार कार्ड पाया गया। महिला का कहना है कि इस दौरान उसे कैमरे के सामने स्क्रीन पर रहने के लिए कहा गया और बैंक खातों की डिटेल मांगी गई। उन्होंने बैंक खातों के लेनदेन का विवरण दिया तो एक मिनट के अंदर उनके खाते से 47 लाख रुपए निकलने का संदेश आया।
ठगों की तलाश कर रही पुलिस
महिला का कहना है कि बाद में आईसीआईसीआई बैंक को उन्होंने अपना खाता ब्लॉक करने के लिए कहा। जब तक खाता बंद होता तब तक अकाउंट में 17.40 लाख रुपए ही बचे थे। एडीसीपी क्राइम ब्रांच सच्चिदानंद ने बताया कि महिला को डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ठगों को तलाश रही है। साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जालसाज लोगों को ठगने के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट भी उन्हीं तरीकों में से एक है। ऑनलाइन पैसों की लेन-देन और खरीदार करने वालों के साथ डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं हो रही हैं।
