Delhi Crime: आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी विक्रम पोरवाल के मुताबिक विजय कुमार गुप्ता नाम का शख्स लैंड ग्रेबिंग का रैकेट चला रहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आरोपी की किराए के एक मकान से गिरफ्तार किया है।पुलिस को शिकायतकर्ता राम निवास ने बताया की उनके पास एक प्रॉपर्टी डीलर का फोन आया जिसने उनसे कहा की जिस प्रॉपर्टी को वो बेचने से मना कर रहे थे वो तो बिक चुकी है। ये प्रॉपर्टी राम निवास के बेटी के नाम पर थी। नवंबर 2022 में ये विजय नाम के शख्स को बेची जा चुकी है। आगे पता चला की विजय ने इस प्रॉपर्टी पर 2 करोड़ 16 लाख का लोन भी लिया हुआ है।
प्रतीकात्मक फोटो
आर्थिक अपराध शाखा ने जब जांच शुरू की तो पता लगा की जिस वक्त विजय कुमार गुप्ता के नाम ये प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की गई थी इस वक्त एक महिला भी थी। जांच में पता लगा की जाली दस्तवेज पर महिला के फोटो को लगाकर उसे मालिक बनकर पेश किया गया था।
जांच में पता लगा की इस गैंग ने रोहिणी के इस प्रॉपर्टी के अलावा इस तरह से शाहबाद डेयरी, वसंत विहार, पंजाबी बाग, में भी प्रॉपर्टी पर कब्जा किया है। दिल्ली पुलिस को कुछ और शिकायत भी मिली है जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में थी
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में थी। आरोपी विजय ने अपना खुद का घर भी बेच दिया था जिसकी वजह से पुलिस को उसका सुराग नहीं मिल रहा था। इस बीच पुलिस को पता लगा की आरोपी किराए के एक मकान में रह रहा है जिसके बाद पुलिस ने विजय को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उस महिला की तलाश में है जो मालिक बनकर गई थी और विजय के दो सहयोगियों की भी तलाश में है पुलिस।
