यूपी एटीएस ने सोमवार को 'मुजाहिद्दीन आर्मी' के सभी पांच अभियुक्तों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी पांच अभियुक्तों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर एटीएस को सौप दिया है। अब इन 8 दिनों में यूपी एटीएस उन से पुछताछ कर इनके खतरनाक मंसूबों से पर्दा उठाएगी। एटीएस ने कोर्ट में दावा किया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को हटाकर शरीयत व्यवस्था कायम करने का मंसूबा पालने वाले इन सभी से पुछताछ कर कड़ियो को जोड़ना जरुरी है, लिहाजा कोर्ट ने इनकी पुलिस रिमांड की अर्जी स्वाीकर कर ली।
प्रतीकात्मक फोटो
दरअसल, आतंकवाद निरोधक दस्ता यानी यूपी एटीएस ने 29 सितंबर को एक FIR (मुकदमा संख्या 13/2025) दर्ज की थी। इसमें BNS की धारा 148/152 के तहत पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। मजाहिद्दीन आर्मी के मास्टरमाइंड मुहम्मद रजा उर्फ जाबिर अली को 29 सितंबर को यूपी एटीएस ने केरल से गिरफ्तार किया था और ट्रांजिट रिमांड पर यूपी लेकर आई है। इससे पहले एटीएस ने इस गैंग के 4 कट्टरपंथियों कानपुर के मोहम्मद तौसीफ, रामपुर के रहने वाले कासिम अली, सोनभद्र के सफील सलमानी उर्फ अली रजबीऔर सुल्तानपुर के रहने वाले अकमल रजा को गिरफ्तार किया था। एटीएस का दावा है कि मोहम्मद रजा इस गैंग का मुखिया और पूरे आपराधिक एवं देश विरोधी साजिश का सरगना है। यह यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है और मल्लपुरम केरल में रहता था। यह जिहाद के जरीए लोकतांत्रिक सरकार को हटाने, शरीया कानून लागू करने, हथियार खरीदने और मुजाहिद्दीन आर्मी बनाने का मंसूबा रखता था।
काली डायरी में कोडवर्ड का इस्तेमाल
देश की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिरा कर शरीया कानून लागू करने का मंसूबा पालने वाले इस कट्टरपंथियो से पुछताछ में अब बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इनके पास से एक काली डायरी बरामद हुई है। इस काली डारी में ज्यादातर कोडवर्ड में लिखे हुए हैं। कोडवर्ड को डिकोड करने पर कई बड़े राज सामने आए है। सूत्रों की मानें तो इस डारी में कई अहम राज है। काली डायरी में हर एक पन्ने के बाद अल्लाह लिखा हुआ है। सातवें पन्ने पर 'कौम खतरे में''लिखा हुआ है। इतना ही नहीं 14 वे पन्ने में उर्दू में कागज़ चिपकाया गया है जिस पर लिखा हुआ है...जिहाद की तैयारी। सभी मुसलमानों को जिहाद में इस्तेमाल होने वाले हथियारों का इस्तेमाल करना सीखने का आदेश दिया गया है। एक पन्ने पर एस संख्या 127 लिखी गई है। कुछ पन्नों पर के, एम, एच जैसे शब्द लिखे गए है। सूत्रों का मानना है कि यह कोड वर्ड शहो के नाम हो सकते है। मसलन, एम-मथुरा, एच,हरिद्वार, के- काशी हो सकता है। चूकि इन कट्टरपंथियों के निशाने पर इन शहरों के घर्मगुरु हो सकते है, लिहाजा इनके लिए कोड का इस्तेमाल किया गया होगा।
मास्टरमाइंड रज़ा शातिर अपराधी निकला
मोहम्मद रजा सोशल मीडिया का शातिर अपराधी निकला। वह इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर खुद को मौलाना बताकर भड़काऊ भाषणों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारों की ओर धकेल रहा था। युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल करता था। इंस्टाग्राम पर शरीयत के कानून और जिहाद की बात करने वाले उसके वीडियो का गांव के युवा इंतजार करते थे। वह खुद को मौलाना की तरह पेश कर युवाओं को भड़काऊ भाषण देता था, जिसे वह मोटिवेशनल स्पीच कहता था।
