Meerut News: मेरठ में दो दिन पहले शराब पीने के बाद तीन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुरुआत में यह मामला सामान्य हादसा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सच्चाई कुछ और ही निकली। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि यह घटना कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मृतकों में शामिल एक युवक की बहन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शराब में जहर मिलाया था। बताया जा रहा है कि बहन अपने भाई को प्रेम संबंधों के चलते रास्ते से हटाना चाहती थी, लेकिन इस साजिश में दो अन्य लोगों की भी जान चली गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी बहन, उसके प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने उन्हें जहरीला पदार्थ उपलब्ध कराया था। मामले की आगे की जांच जारी है।
मेरठ में शराब में जहर मिलाकर रची गई खौफनाक साजिश
घटना के बाद इलाके में मचा हड़कंप
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र से जुड़ा यह मामला 3 तारीख का है, जब शराब पीने के बाद तीन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इनमें बाबूराम (60 वर्ष), जो एक किराना व्यापारी थे, उनके यहां काम करने वाले जितेंद्र (45 वर्ष) और ग्राहक अंकित उर्फ दौलत (32 वर्ष) शामिल थे। तीनों एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एक निजी आर्यावर्त अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक अंकित उर्फ दौलत की बहन का गांव के ही पवन उर्फ पोली नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। इस बात को लेकर भाई-बहन के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया गया कि अंकित शराब के नशे में कई बार अपनी बहन से झगड़ा करता था और उसके साथ मारपीट भी करता था। इसी पहलू को आधार बनाकर पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया।
धीरे-धीरे पूरी साजिश का हुआ खुलासा
पुलिस ने मामले में संदेह के आधार पर पवन को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। इसी दौरान उसके मोबाइल की जांच की गई, जिसमें गूगल सर्च हिस्ट्री में जहरीले पदार्थ से जुड़ी जानकारी खोजे जाने के प्रमाण मिले। इसके बाद धीरे-धीरे पूरी साजिश का खुलासा होने लगा। पूछताछ में सामने आया कि अंकित का अपनी बहन अलका के साथ अक्सर विवाद होता रहता था, जो उसी के साथ घर में रहती थी। अलका का गांव के ही पवन नामक युवक से प्रेम संबंध था, जो पहले से शादीशुदा है। बताया गया कि अंकित कई बार घर में अपनी बहन के साथ बदसलूकी करता था और उसे परेशान करता था। इन परिस्थितियों से तंग आकर अलका ने अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने प्रेमी पवन से ऐसी चीज लाने को कहा, जिससे अंकित की जान ली जा सके। इसके बाद पवन ने अपने परिचित अशोक उर्फ सोनू से संपर्क किया और उससे पूछा कि किसी व्यक्ति को खत्म करने के लिए क्या तरीका अपनाया जा सकता है।
साइनाइड जैसा जहरीला पदार्थ उपलब्ध कराया
अशोक पहले ज्वेलरी का काम करता था और उसी ने सोना गलाने में इस्तेमाल होने वाला साइनाइड जैसा जहरीला पदार्थ उपलब्ध कराया। यह जहर पवन के जरिए अलका तक पहुंचाया गया। शुरुआत में योजना थी कि इस केमिकल को खाने में मिलाकर अंकित को दिया जाएगा, लेकिन किसी वजह से ऐसा संभव नहीं हो पाया। इसके बाद पवन ने तरीका बदलते हुए उस जहरीले पदार्थ को पीसकर शराब के एक टेट्रा पैक में मिला दिया। उसने पैक को नाखून से सावधानीपूर्वक खोला, जहर मिलाया और फिर फेवीक्विक की मदद से उसे दोबारा सील कर दिया, ताकि किसी को शक न हो। मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के मुताबिक, आरोपियों को यह भी भरोसा था कि अंकित की लगातार शराब पीने की आदत के चलते अगर उसकी मौत होती है, तो इसे सामान्य घटना समझकर ज्यादा संदेह नहीं किया जाएगा। यही कारण था कि उन्होंने इस तरीके को अंजाम देने की योजना बनाई।
तीनों की बिगड़ने लगी तबीयत
इसके बाद 3 तारीख की शाम पवन ने अलका को फोन कर अंकित के बारे में जानकारी ली। अलका ने बताया कि अंकित कुछ देर में तेल लेने के लिए स्पेलर की ओर, रजवाए वाले रास्ते से जाने वाला है। यह जानकारी मिलते ही पवन रास्ते में पहुंचकर उसका इंतजार करने लगा। जैसे ही अंकित वहां पहुंचा, उसने पवन को देखकर गाड़ी रोक ली और बातचीत करने लगा। इसी दौरान पवन ने कहा कि वह शराब लेकर आया है और उसे भी पीनी हो तो ले सकता है। उसने अपने पास रखा जहरीली शराब का पाउच अंकित को दे दिया और कहा कि उसके पास एक और है, वह खुद दूसरा पी लेगा। अंकित वह शराब के पाउच को लेकर स्पेलर पर पहुंचा, जहां उसने अपने मालिक बाबूराम और वहां काम करने वाले जितेंद्र के साथ बैठकर शराब पी। कुछ ही देर में तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें तुरंत आर्यावर्त नाम के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक व्यक्ति ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि बाकी दो की मौत इलाज के दौरान हो गई। इस पूरे मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक अंकित की बहन अलका, उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली और जहरीला पदार्थ उपलब्ध कराने वाले अशोक वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
