नासिक BPO मामले में चौंकाने वाले खुलासे: कॉल रिकॉर्ड, चैट्स और पैसों का लेन-देन, 70 से ज्यादा 'मैसेज' को किया नजरअंदाज

SIT ने बताया कि TCS ब्रांच में नासिक उत्पीड़न मामले के आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों की बार-बार की गई शिकायतों को नजरअंदाज किया।

नासिक BPO मामले में पुलिस का कहना है कि HR मैनेजर और AGM ने उत्पीड़न के आरोपों वाले 70 से ज़्यादा मैसेज को नजरअंदाज किया; SIT संभावित मनी ट्रेल की जांच कर रही है। इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बुधवार को बताया कि TCS ब्रांच में नासिक उत्पीड़न मामले के आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों की बार-बार की गई शिकायतों को नजरअंदाज किया और उन्हें कंपनी के आला अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया।

TCS Nashik harassment case

नासिक BPO मामले में चौंकाने वाले खुलासे (AI Image)

पुलिस के अनुसार, HR मैनेजर निदा खान कथित 'मास्टरमाइंड' हैं, जिन्होंने शिकायत को दबाने और कथित तौर पर आरोपी को बचाने की कोशिश की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के बीच हुए लगभग 78 'संदिग्ध' कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट बरामद किए। पुलिस को संभावित वित्तीय लेन-देन के भी सबूत मिले हैं।

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