बेवफा बीवी ने लिखी मौत की डरावनी दास्तान, राजा रघुवंशी कांड से कम नहीं मास्टर साहब की खामोश हत्या

रमाकांत पाठक का घर बाहर से सामान्य था, लेकिन भीतर एक खामोश साजिश पल रही थी। पत्नी साधना पाठक और उसका प्रेमी मनीष जाटव एक ऐसा रिश्ता, जो छुपकर पनपा और फिर पति को रास्ते से हटाने की योजना में बदल गया

शिवपुरी : जिले की सीमा से सटे कराहल की उस ठंडी सुबह में जंगल की खामोशी कुछ ज्यादा ही भारी थी। 27 दिसंबर को कराहल घाटी के मोड़ पर ढलान के नीचे पड़ा एक शव पूरे इलाके को सन्न कर गया। पहली नजर में यह एक साधारण सड़क दुर्घटना लग रही थी। मृतक की पहचान शिक्षक रमाकांत पाठक के रूप में हुई। एक सादा, जिम्मेदार और भरोसेमंद जीवन जीने वाला व्यक्ति, जिसे शायद आखिरी वक्त तक यही विश्वास रहा होगा कि उसका घर ही उसकी सबसे सुरक्षित जगह है।

Ramakant Pathak Murder Case

(सांकेतिक फोटो-Istock)

शुरुआत में पुलिस और समाज दोनों ने इसे हादसा मान लिया। ठीक उसी तरह जैसे कभी राजा रघुवंशी कांड के शुरुआती दिनों में लोगों को यकीन नहीं हुआ था कि एक दांपत्य रिश्ता इतनी ठंडी साजिश का रूप ले सकता है। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कराहल घाटी की यह मौत भी उसी भयावह सच की ओर बढ़ने लगी, जहां प्रेम, लालच और स्वार्थ मिलकर विश्वास का कत्ल कर देते हैं।

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