NCB ने नौसेना और कोस्ट गार्ड्स के साथ मिलकर जॉइंट ऑपरेशन चलाया था, इस ऑपरेशन के तहत एजेंसियों ने 12 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी, इसके तार पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और दाउद से भी जुड़े हैं। इसको बरामद करने के बाद टीम ने इसे जब्त कर लिया है। एंटी-ड्रग एजेंसी ने बताया है कि यह बरामदगी देश में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है, जिसमें मेथमफेटामाइन कासे जब्त किया गया है।वहीं टीम ने बताया है कि इस मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
ऑपरेशन समुद्रगुप्त
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कराची में बैठा पाकिस्तान का सबसे बड़ा ड्रग्स माफिया हाजी सलीम इस रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, हाजी सलीम दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तान ISI के बीच की अहम कड़ी माना जा रहा है।
चलाया गया था 'ऑपरेशन समुद्रगुप्त'
एनसीबी के उप महानिदेशक के मुताबिक टीमों को ये कामयाबी 'ऑपरेशन समुद्रगुप्त' के तहत मिली है। इस मिशन का उद्देश्य अफगानिस्तान से हो रही समुद्र तस्करी और दवाओं की खेप को पकड़ना था। बताया गया है कि पिछले डेढ़ साल में साउथ क्षेत्र से ड्रग्स की ये तीसरी सबसे बड़ी बरामदगी है। उप महानिदेशक ने बताया है कि अब तक तकरीबन 3,200 किग्रा, 500 किग्रा हेरोइन और 529 किग्रा हशीश बरामद किया गया है।
इसकी तस्करी अफगानिस्तान, बलूचिस्तान और पाकिस्तान से हो रही थी
एंटी-ड्रग एजेंसी ने बरामदगी के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि फरवरी 2022 में सबसे पहली बरामदगी हुई थी। उस समय NCB और नौसेना की टीम ने गुजरात के समुद्र से बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद किया था। उस समय इसकी तस्करी अफगानिस्तान, बलूचिस्तान और पाकिस्तान से हो रही थी। वहीं, अक्टूबर 2022 में भी ऐसी ही एक बरामदगी ईरानी नाव से की गई थी। जिसमें करीब 200 किग्रा के मादक पदार्थ को जब्त किया गया था। ईरानी नाव में मिले ड्रग्स की तस्करी उस समय अफगानिस्तान से हो रही थी। हालांकि इस कार्रवाई के बाद छह ईरानी तस्करों को पकड़ा गया था। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2022 और अप्रैल 2023 में भी टीम को ऐसी ही कामयाबी मिल चुकी है। उन दिनों 19 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
