दिल्ली की अमर कॉलोनी में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। अगर पुलिस जरा सी भी लेट होती तो यहां एक नवजात की बलि चढ़ जाती। एक लड़की, अपने मरे हुए पिता को जिंदा करने की कोशिश में एक नवजात का बलि देने जा रही थी।
दिल्ली में बलि देने के लिए शिशु का हुआ अपहरण
क्या है मामला
दरअसल 10 नवंबर को शाम करीब 4:00 बजे थाना अमर कॉलोनी में सूचना मिली कि दिल्ली के गढ़ी क्षेत्र से करीब दो माह के मासूम को एक अज्ञात महिला ने अगवा कर लिया है। जिसके बाद अमर कॉलोनी थाने में इस बाबत अपहरण का मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस बाबत एक टीम गठित कर आरोपी को पकड़ने की कवायद शुरू की गई।
कैसे रचा खेल
जांच के दौरान पीड़िता ने बताया कि अपहरणकर्ता महिला ने उससे सफदरजंग अस्पताल में मुलाकात की थी और खुद को जच्चा-बच्चा देखभाल के लिए काम करने वाले एनजीओ के सदस्य के रूप में पेश किया था। उसने मुफ्त दवा और परामर्श देने का वादा किया था। बाद में उसने नवजात शिशु के विकास की जांच करने के बहाने उसका पीछा किया और 9 नवंबर को आरोपी महिला बच्चे के घर पहुंच गई। बताई कि वो शिशु की जांच के लिए आई थी। जिसके बाद दूसरे दिन वो फिर से उनके घर आई। उसने अपनी बातों से बच्चे की मां को प्रेरित किया और उसे बाहर ले जाने के लिए शिशु को सौंपने के लिए कहा। जब वह बच्चे को घर से बाहर ले जा रही थी, तो मां ने अपनी 21 वर्षीय भतीजी को महिला के साथ जाने के लिए कहा। उसके बाद अपहरणकर्ता, पीड़िता की भांजी रितु के साथ नवजात को अपनी कार में ले गई। रास्ते में महिला ने रितु को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई। बाद में, महिला ने रितु को यूपी के गाजियाबाद में फेंक दिया, जहां होश में आने के बाद उसने अपने परिवार को सूचित किया कि बच्चे का अपहरण कर लिया गया है।
पुलिस ने सुलझाया मामला
इसके बाद पुलिस कॉल की गई। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जिससे गाड़ी के नंबर का पता चला। वहां से उसके घर का पता चला, जब महिला के घर पर पुलिस पहुंची तो वो गायब मिली। शाम करीब 4:00 बजे गुप्त सूचना मिली कि आरोपी महिला आर्य समाज मंदिर, कोटला मुबारकपुर के पास आएगी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बलि की थी तैयारी
अपहरणकर्ता की पहचान श्वेता के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी श्वेता ने खुलासा किया कि अक्टूबर 2022 में उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। अंतिम संस्कार के दौरान, उसे पता चला कि एक ही लिंग के शिशु का मानव बलि देने से उसके पिता को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसीलिए उसने बच्चे का अपहरण कर लिया था।आरोपी स्वेता 9वीं तक पढ़ाई की है। वह अपनी मां के साथ रह रही थी। वह पहले डकैती और चोरी के 2 मामलों में शामिल थी।
अनुज मिश्रा की रिपोर्ट
