कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) के बढ़ते नेटवर्क को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मीडिया में आई कनाडा की खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग ने कनाडा के 'स्टूडेंट वीजा सिस्टम' में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर वहां अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया है। रिपोर्ट का दावा है कि गैंग से जुड़े कई लोग छात्र (स्टूडेंट) बनकर कनाडा पहुंचे और बाद में वहां रंगदारी, धमकी और संगठित अपराध जैसी अवैध गतिविधियों में सक्रिय हो गए।
स्टूडेंट वीजा के जरिए कनाडाई धरती पर पैर पसारता लॉरेंस बिश्नोई गैंग (फाइल फोटो- PTI)
पढ़ाई के बहाने आपराधिक नेटवर्क का विस्तार
कनाडाई खुफिया और जांच एजेंसियों की जांच में यह बात सामने आई है कि कई आरोपी शुरू में पढ़ाई के उद्देश्य से स्टूडेंट वीजा पर कनाडा आए थे। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद वे शिक्षा के बजाय गैंग के निर्देशों पर काम करने लगे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी रणनीति के तहत गैंग ने कनाडा के अलग-अलग शहरों में अपनी पैठ बनाई और स्थानीय स्तर पर अपना ढांचा मजबूत किया।
कारोबारियों से उगाही और हिंसा के आरोप
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कनाडाई धरती पर बिश्नोई गैंग के सदस्य मुख्य रूप से कई आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं। जिसमें स्थानीय कारोबारियों और प्रवासी भारतीयों को निशाना बनाकर पैसे की मांग करना। नेटवर्क का दबदबा बनाए रखने के लिए हिंसक वारदातों और धमकियों का सहारा लेना।
इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए कनाडाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई संदिग्धों को भारत या उनके मूल देश में डिपोर्ट (निर्वासित) करने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
वीजा नियमों में सख्ती की तैयारी
इस घटनाक्रम के बाद कनाडा सरकार और वहां की एजेंसियां अपने स्टूडेंट वीजा सिस्टम की समीक्षा कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बैकग्राउंड चेक और आवेदनों की जांच प्रक्रिया को और अधिक कड़ा करने पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल, यह पूरा मामला कनाडाई एजेंसियों की गहन जांच के दायरे में है और इस नेटवर्क से जुड़े सभी वित्तीय व आपराधिक पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
