कानपुर का एक पांच साल का बच्चा एक शराब दुकान को हटवाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बच्चे ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उसके स्कूल के पास एक शराब का ठेका है, जहां शराबियों का जमावड़ा रहता है, जिसके कारण स्टूडेंट्स को परेशानी होती है।
शराब की दुकान के खिलाफ पांच साल का बच्चा पहुंचा इलाहाबाद हाईकोर्ट
यह भी पढ़ें- पढ़ूंगा तभी, जब शादी कराओगे- 13 साल के पाकिस्तानी बच्चे की शर्त, 12 साल की लड़की से मां-बाप ने करा दिया निकाह
पिता के माध्यम से याचिका
याचिकाकर्ता अथर्व आज़ाद नगर के सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में किंडरगार्टन का छात्र है। अथर्व ने अपने वकील पिता प्रसून दीक्षित के माध्यम से याचिका में आबकारी विभाग के मुख्य सचिव, लखनऊ के आबकारी आयुक्त, डीएम (लाइसेंसिंग प्राधिकारी) कानपुर नगर, आबकारी अधिकारी कानपुर और शराब की दुकान संचालक ज्ञानेंद्र कुमार को नामित किया है। अपने पिता के माध्यम से दायर जनहित याचिका में छात्र ने कहा कि दुकान "उसके साथी छात्रों और आसपास रहने वाले निवासियों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है"।
13 मार्च को अगली सुनवाई
कानपुर के अथर्व द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 13 मार्च, 2024 तय की। इस जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार के वकील से पूछा कि कानपुर में वह स्कूल अस्तित्व में आने के बाद शराब की दुकान के लाइसेंस का नवीकरण क्यों किया जा रहा है।
