शिव की भक्ति में एक मुस्लिम लड़की ऐसी डूबी कि उसे और कुछ दिखाई ही नहीं देने रहा। शौहर से लेकर घर वाले तक उसे शिव की पूजा के लिए मना करते रहे, यहां तक कि शौहर ने तीन तलाक दे दिया, लेकिन झारखंड की जमीला खातून हार नहीं मानी। शिव की पूजा करती रही और जब सच्चा प्यार मिला तो जमीला से ज्योति बन गई।
शिव भक्त ने छोड़ा मुस्लिम धर्म
अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी
झारखंड के बोकारो की रहने वाली 18 वर्षीय युवती जमीला खातून ने सनातन धर्म अपनाकर अपने प्रेमी प्रकाश रविदास के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया है। बरेली स्थित प्रसिद्ध अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार और अग्नि को साक्षी मानकर दोनों परिणय सूत्र में बंधे। धर्म परिवर्तन और शुद्धिकरण के बाद युवती का नया नाम ज्योति देवी रखा गया है।
पति ने दे दिया था तलाक
झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत ग्राम लोधी नीच टोला (कुर्कनालो) निवासी आबिद अंसारी की पुत्री जमीला खातून ने बताया कि उसकी भगवान शिव में गहरी आस्था थी और वह पहले से ही उनकी पूजा-अर्चना करती थी। जब इस बात की जानकारी उसके पूर्व शौहर और ससुराल पक्ष को हुई, तो वे उसके साथ मारपीट व प्रताड़ना करने लगे। जमीला के अनुसार, पूजा-पाठ छोड़ने से मना करने पर शौहर ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और अंततः तीन तलाक बोलकर उसे घर से निकाल दिया।
मिला सच्चा प्यार
तीन तलाक का दंश झेलने और बेसहारा होने के बाद प्रकाश रविदास ने जमीला का साथ दिया। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत और प्रेम बढ़ा, जिसके बाद उन्होंने हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह करने का निर्णय लिया। स्थानीय स्तर पर विरोध और पारिवारिक अड़चनों की आशंका के चलते दोनों झारखंड से उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंचे और अगस्त्य मुनि आश्रम के आचार्य पंडित के.के. शंखधार से संपर्क साधा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विवाह
अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य के.के. शंखधार ने सनातन परंपरा के अनुसार सबसे पहले युवती का शुद्धिकरण कराया। पवित्र गंगाजल और गोमूत्र का आचमन कराकर संकल्प दिलाया गया। इसके बाद विधिवत गायत्री मंत्र का जाप कराकर सनातन धर्म की दीक्षा दी गई। शुद्धिकरण के पश्चात जमीला का नाम बदलकर ज्योति देवी रखा गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों के सात फेरे करवाकर विवाह संपन्न कराया गया।
