जब मुख्तार अंसारी ने खरीदी थी LMG और बचाने आ गई थी UP सरकार! STF के पूर्व DSP शैलेंद्र सिंह का बड़ा खुलासा

  • Reported by: रविकांत रायEdited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 20, 2023, 09:26 PM IST

Mukhtar Ansari LMG Case: 2004 में, शैलेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की वाराणसी इकाई के प्रभारी थे। लखनऊ के कैंट इलाके में कृष्णानंद राय और मुख्तार अंसारी के बीच फायरिंग की घटना हुई थी। तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय गिरोह से सतर्क रहने के लिए यूपी एसटीएफ को सक्रिय कर दिया था।

Mukhtar Ansari LMG Case: 2004 में यूपी एसटीएफ की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि मुख्तार अंसारी उस वक्त तत्कालीन बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या करना चाहता था। राय के पास बुलेटप्रूफ कार थी, जिसे एलएमजी के बिना भेदना आसान नहीं था। इसलिए मुख्तार इसे खरीदना चाहता था। जिसके बाद जब उस पर एसटीएफ ने शिकंजा कसा तो तब के सीएम मुलायम सिंह यादव उसे बचाने के लिए सामने आ गए थे। इस मामले पर उस वक्त के पुलिस अधिकारी STF के पूर्व DSP शैलेंद्र सिंह ने अब बड़ा खुलासा किया है।

क्या है खुलासा

2004 में, शैलेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की वाराणसी इकाई के प्रभारी थे। लखनऊ के कैंट इलाके में कृष्णानंद राय और मुख्तार अंसारी के बीच फायरिंग की घटना हुई थी। तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय गिरोह से सतर्क रहने के लिए यूपी एसटीएफ को सक्रिय कर दिया था। वाराणसी एसटीएफ ने कुछ संदिग्ध फोन नंबरों को सर्विलांस पर रखा था।

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