दिल्ली में 31 मार्च को सफदरजंग इलाके में हुई बिजनेसमैन की हत्या को क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है।आरोपी महिला की पहचान उषा उर्फ अंजलि उर्फ विक्की उर्फ निकिता के रूप में हुई है। वह पानीपत की रहने वाली है। आरोपी महिला ने लूटपाट के इरादे से अपनी एक साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी।
दिल्ली पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाई (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)
होटल में मिली थी बॉडी
क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर रविंद्र सिंह यादव ने बताया 31 मार्च को सफदरगंज थाना पुलिस को एक सूचना मिली थी कि एक आदमी होटल के कमरे में मृत पड़ा है। पुलिस जब मौके पर पहुंची और जांच की तो पाया कि मृत युवक के मुंह से खून निकल रहा था और उसके पास एक नोट पड़ा मिला। जिस पर लिखा था- "आप एक नाइस पर्सन है, सॉरी सॉरी सॉरी, मेरी बहुत ज्यादा मजबूरी थी जो आपके साथ यह किया। एक्स्ट्रीमली सॉरी यार।"
जांच शुरू
शव की पहचान दीपक सेठी के रूप में हुई जो मयूर विहार का रहने वाला था। जांच में पता चला कि दीपक सेठी कल शाम 8:30 बजे एक होटल में एक महिला के साथ आया था और वह महिला करीब रात 12:30 बजे होटल से अपनी वैगनआर कार में निकली थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच की कई टीमों को लगाया गया। पुलिस टीम ने सभी टेक्निकल और मैनुअल सर्विलांस के आधार पर जांच शुरू की।
जांच में मुश्किल
जांच के दौरान अंजलि नामक महिला का आधार कार्ड मिल गया लेकिन आधार कार्ड की जांच करने पर वह फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने दीपक सेठी का मोबाइल नंबर हासिल किया, जिसमें से 5 सौ से अधिक नंबरों का विश्लेषण करने के बाद टीम को कुछ नंबर पर संदेह हुआ। मोबाइल नंबर जिस आईडी से लिया गया था वह भी फर्जी निकला। जांच के दौरान पता चला कि यह मोबाइल फोन 23 मार्च को संत गढ़ दिल्ली में कहीं रिचार्ज किया गया था। पुलिस की टीम संतगढ़ पहुंची और काफी मशक्कत के बाद उस दुकान का पता लगाया, जहां से संदिग्ध मोबाइल फोन रिचार्ज कराया गया था। जिसके बाद पुलिस ने उनको एक नाइजीरियाई नागरिक चिडे ने रिचार्ज कराया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह फोन निक्की उर्फ़ सुनीता का है, जो उसके लिव इन पार्टनर मधुमिता की दोस्त है, लेकिन उसे निकिता और निक्की के बारे में पता नहीं है।
ऐसे चला पता
पुलिस ने उन नंबरों में से निकिता का नंबर ढूंढ निकाला और टीम ने पानीपत की एक सोसाइटी न्यू हाउसिंग बोर्ड में छापा मारकर आरोपी उषा उर्फ अंजलि और निक्की और निकिता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके कब्जे से मृतक का नीला बैग, सोने की अंगूठी नकली आधार कार्ड और अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी निक्की उर्फ निकिता ने खुलासा किया कि की हत्या के बाद उसने ही यह नोट लिखा था। जांच के दौरान पता चला कि निकिता एक मामले में हरियाणा में जेल जा चुकी है। जेल में उसकी मुलाकात मधुमिता से हुई। जहां पर दोस्त बन गए और संत गढ़ में एक साथ रहने लगे।
लूटपाट की थी योजना
30 मार्च को मृतक दीपक सेठी ने उषा से संपर्क किया और उनकी योजना थी कि उषा और निक्की दीपक सेठी को नशीला पदार्थ खिलाकर उससे उसके साथ लूटपाट करेंगे। मधुमिता भी उषा के पीछे थी और रात के दौरान उसने उषा को फोन किया और मृतक का सामान लूटने के बाद उसे अपने साथ ले गई। आरोपी उषा उर्फ़ अंजलि उर्फ़ निकिता पानीपत के रहने वाली है और उसने अंकुर नाम के व्यक्ति के साथ शादी की थी। जिससे उसका तलाक हो गया था। उसके तीन बच्चे हैं। वह पहले भी थाना मॉडल टाउन पानीपत में स्नैचिंग के एक मामले में जेल जा चुकी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अनुज मिश्रा की रिपोर्ट
