बिहार (Bihar) में कारनामे ही कारनामे हैं, कभी चोरों का कारनामा तो कभी पुलिस वालों का कारनामा। चोर पुल और टावर की चोरी कर लेते हैं तो अधिकारी किसी और के बेल पर किसी दूसरे को जेल से छोड़ देते हैं। मामला मुजफ्फरपुर का है।
मुजफ्फरपुर जेल से किसी और के बेल पर एक कैदी हुआ रिहा (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)
कहां कि है घटना
मुजफ्फरपुर में एक केंद्रीय जेल है, नाम महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस पर है- शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, यहीं का यह कारनामा है। अब पुलिस उस कैदी की तलाश में जुटी है, जो उनकी गलती की वजह से रिहा होकर बाहर मजे लूट रहा है।
कब की है घटना
NBT के अनुसार घटना पिछले साल नवंबर की है, लेकिन तब से मामला सामने नहीं आया था, इस महीने जाकर यह लोगों के सामने आया है। मीनापुरा थाना क्षेत्र के शंकर पट्टी के रहने वाले गुड्डू कुमार जेल में बंद था। उसे कोर्ट से जमानत मिली, कोर्ट का आदेश जेल पहुंचा और वहां से सारी प्रक्रिया पूरी करके कोर्ट ने गुड्डू कुमार को रिहा कर दिया।
यहां आया ट्विस्ट
रिहा करने के दौरान ही खेल हो गया। दरअसल शंकर पट्टी के ही दो गुड्डू कुमार जेल में बंद थे। दोनों का नाम तो एक था, लेकिन पिता का नाम अलग-अलग था। जेल अधिकारियों ने यहीं पर गलती कर दी, उन्होंने पिता का नाम नहीं मिलाया और गलत गुड्डु कुमार को रिहा कर दिया।
परिजनों ने खोला राज
उधर जब जमानत मिलने के बाद भी गुड्डू कुमार घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को हैरानी हुई। उन्होंने जेल अधिकारियों से बात की, तब जाकर इस गलती की जानकारी सामने आई कि गलत गुड्डू कुमार को जेल से रिहा कर दिया गया। अब इसकी जांच हो रही है।
