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UP : मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने बदली किस्मत, डिजिटल उद्यम से युवा लिख रहा नई कहानी

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा ने मुजाहिद को नई दिशा दी। ऋण मिलने के बाद मुजाहिद ने सबसे पहले डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोली और उन्होंने उन लोगों की सहायता की जो केवल ऑफलाइन व्यापार कर रहे थे। धीरे-धीरे छोटे दुकानदार और सेवा प्रदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने लगे।

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मुजाहिद शेख, युवा उद्यमी

लखनऊ : जब हालात इंसान को चारों तरफ से घेर लेते हैं और रास्ते बंद नजर आने लगते हैं तब या तो व्यक्ति टूट जाता है या फिर इतिहास रचता है। लखीमपुर खीरी के मुजाहिद शेख ने दूसरा रास्ता चुना। डिप्रेशन, आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा से गुजरते हुए उन्होंने न केवल खुद को संभाला बल्कि एक ऐसी पहचान बनाई जो आज उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की मिसाल बन चुकी है। यह कहानी केवल एक युवक की नहीं, बल्कि उस सोच की है जिसमें योगी आदित्यनाथ सरकार के विजन से जीवन, संघर्ष से सफलता में बदल जाता है ।

लखीमपुर खीरी जैसे कृषि प्रधान जिले में पले-बढ़े मुजाहिद का परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर था। समय के साथ खेती की लागत बढ़ती गई लेकिन आमदनी घटती चली गई। परिवार की जरूरतें बढ़ीं। बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता ने आर्थिक दबाव को और गहरा कर दिया। मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले तो निराशा मन में घर करने लगी।

योगी सरकार के विजन से मिली नई राह

स्वास्थ्य में सुधार के बाद मुजाहिद के सामने सबसे बड़ा सवाल आजीविका का था। इसी मोड़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उनके जीवन में निर्णायक साबित हुई। बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा ने उस डर को खत्म कर दिया, जो वर्षों से उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहा था। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने प्रक्रिया में सहयोग किया और भरोसा दिया कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।

गांव में बदलाव ला रहे है मुजाहिद

ऋण मिलने के बाद मुजाहिद ने सबसे पहले डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोली और उन्होंने उन लोगों की सहायता की जो केवल ऑफलाइन व्यापार कर रहे थे। धीरे-धीरे छोटे दुकानदार और सेवा प्रदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने लगे। गांव में डिजिटल सेवाओं का एक नया केंद्र तैयार हो गया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन का जमीनी रूप था। इसके बाद उन्होंने थायरोकेयर की फ्रेंचाइजी ली और सलबोटॉमिस्ट का कोर्स किया। इस कोर्स के जरिए उन्होंने ब्लड सैंपल कलेक्शन की पूरी प्रक्रिया सीखी। फिर अपने गांव से ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजना शुरू किया। इससे ग्रामीणों को घर के पास जांच सुविधा मिलने लगी।

कितना कम रहे मुजाहिद

आज मुजाहिद का व्यवसाय मजबूती से चल रहा है। वे हर माह आसानी से 5000 रुपये की किश्त जमा कर रहे हैं। 400 से अधिक सेवाएं प्रदान कर वे गांव के लिए भरोसे का नाम बन चुके हैं। उन्होंने अपनी फर्म एमएसओ इंटरप्राइजेज बनाकर फ्रेंचाइजी देना भी शुरू कर दिया है, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल भी शुरू किया जिसके माध्यम से वे लोगों को डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलने के साथ गाँव में पहचान भी मिलने लगी है।

नेतृत्व को श्रेय और आत्मनिर्भरता की भावना

मुजाहिद अपनी सफलता का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हैं। वह कहते है कि "यदि सरकार ने युवाओं पर भरोसा न किया होता तो वे आज भी संघर्ष में फंसे रहते। डिजिटल इंडिया को लेकर सरकार की पहल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों तक रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। योगी सरकार का आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना मेरे जीवन में साकार हुआ है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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