Delhi Book Fair: 52 साल पहले दिल्ली में लगा था पहला 'बुक फेयर', जानें किस राष्ट्रपति ने रखी थी नींव

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 22, 2024, 08:07 AM IST

अगर आप भी किताबें पढ़ने के शौकीन हैं तो जल्द ही दिल्ली के प्रगति मैदान में बुक फेयर लगने वाला है, जहां आपको कई तरह के किताबें मिलेंगी। आप अपनी पसंद की कीताबें अपने मातृभाषा में भी खरीद सकते हैं।

Delhi Book Fair: राजधानी दिल्ली में जल्दी ही पुस्तक मेला का अयोजन होने वाला है। इसकी तारीखों का भी एलान कर दिया गया है। इस बार बुक फेयर 10 से 18 फरवरी तक लगेगा। जल्द ही किताबों के शौकीनों को एक बार फिर कई भाषाओं में किताबें पढ़ने का मौका मिलेगा। इस बार पुस्तक मेला का थीम 'बहुभाषी भारत एक जीवंत परंपरा' रखी गई है। हर साल की तरह इस बार भी पुस्तक मेला प्रगति मैदान में ही लगाया जाएगा। इस बार का बुक फेयर हिंदी, इंग्लिश सहित तमाम भारतिय भाषाओं में लगेगा। साथ ही विदेशी साहित्य का भी अयोजन किया जाएगा।

Delhi Book Fair

यहां लगा था पहला पुस्तक मेला

लेकिन क्या आप जानते हैं कि सबसे पहले बुक फेयर कब लगा था। विश्व पुस्तक मेले की शुरूआत पहली बार 18 मार्च से 4 अप्रैल तक सन 1872 में जनपथ के विंडसर में हुआ था। वहीं इसकी नींव राष्ट्रपति वीवी गिरी ने रखी थी। पहले पुस्तक मेले में सिर्फ 4 से 5 देशों के लोग ही शामिल होते थे, लेकिन बाद में इसकी संख्या बढ़कर लगभग 25 हो गई थी।

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