Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के एक गांव में भटकती हुई जंगली हथिनी ने केवल दो दिनों में पांच लोगों की जान ले ली। अधिकारियों के अनुसार, हथिनी ने शुक्रवार रात दो लोगों को कुचलकर मार डाला और चार अन्य को घायल कर दिया। इससे पहले, गुरुवार की सुबह भी उसने तीन लोगों को कुचला था। मंडलीय वन अधिकारी संदीप शिंदे ने बताया कि यह हथिनी पांच हाथियों के झुंड का हिस्सा है, लेकिन इसी ने गांव में सबसे ज्यादा खतरा उत्पन्न किया है। घटनाएं महुआटांड थाना क्षेत्र में हुईं, और शुक्रवार को मारे गए लोगों की पहचान सोमर साव (50 वर्ष) और उनके पोते आयुष कुमार (9 वर्ष) के रूप में हुई है।
बोकारो में हथिनी का खौफ (सांकेतिक फोटो)
पिछले महीनों में 8 लोगों की मौत
अधिकारियों ने बताया कि घायल लोगों का इलाज रामगढ़ सदर अस्पताल में किया जा रहा है। डीएफओ संदीप शिंदे ने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों में बोकारो जिले में इसी हथिनी के कारण आठ लोग मारे गए हैं, वहीं रामगढ़ जिले में भी कुछ और लोग इसके हमले का शिकार हुए हैं। उन्होंने बताया, “हथिनी को काबू में करने के लिए हमने वनतारा बचाव टीम से संपर्क किया है।”
अब तक कुल 474 लोगों की मौत
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 से झारखंड में हाथियों के हमलों में अब तक कुल 474 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय निवासी रवि महतो ने बताया कि पिछले छह महीनों से हाथियों का झुंड रामगढ़ और बोकारो के सीमावर्ती इलाकों में लगातार दिखाई दे रहा है। इन क्षेत्रों में कई लोग हाथियों के हमले में अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन वन विभाग अभी तक जंगली हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर में भेजने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
हाथियों को भगाने के लिए लगातार प्रयास जारी
बोकारो के डीएफओ संदीप शिंदे ने कहा कि हमारी क्यूआर टीम हाथियों को भगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसके लिए रामगढ़ और बंगाल से विशेषज्ञ टीमों को भी बुलाया गया है। डीएफओ ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अपील की है कि रात के समय घरों से बाहर न निकलें और सिर्फ बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर जाएं।
(इनपुट - भाषा)
