महाराष्ट्र वो शहर जो कहलाता है Tiger Capital of India, जानें कब और कैसे मिला इसे ये नाम

महाराष्ट्र अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ अद्भुत वन्यजीव संपदा के लिए भी जाना जाता है। इसी राज्य का एक शहर ऐसा है, जिसने बाघों की मजबूत मौजूदगी और संरक्षण प्रयासों के कारण देशभर में खास पहचान बनाई है। रसीले फलों के लिए मशहूर यह शहर भारत के “टाइगर कैपिटल” के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में आइए जानें इसके बारे में।

Tiger Capital of India: भारत का हर शहर खास महत्व रखता है। देश के कई राज्यों की तरह महाराष्ट्र भी अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसी कड़ी में, महाराष्ट्र अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, जहां धरती के कुछ सबसे भव्य और शक्तिशाली जीव पाए जाते हैं। राज्य के अनेक प्राकृतिक क्षेत्रों में से एक शहर ऐसा भी है, जो अपनी विशिष्ट पहचान एक खास जानवर से जोड़ता है। अपनी बड़ी बाघ आबादी और प्रभावी वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण इस शहर को एक विशेष उपाधि प्राप्त हुई है, जो की है टाइगर कैपिटल ऑफ इंडिया। ऐसे में आज हम आपको भारत के इसी दिलचस्प शहर से रूबरू करवाएंगे, जहां के रसीले फल के चलते शहर का नाम तो मशहूर है ही लेकिन बाघों की वजह से ये और भी खास हो जाता है। तो आइए जानें इसके बारे में।

Tiger Captial of India

टाइगर कैपिटल ऑफ इंडिया

बाघों की राजधानी

कौन-सा शहर कहलाता है टाइगर कैपिटल?

महाराष्ट्र का एक प्रमुख शहर नागपुर “भारत का टाइगर कैपिटल” के नाम से प्रसिद्ध है। यह पहचान उसे केवल बाघ अभयारण्यों से जुड़ाव के कारण ही नहीं, बल्कि उसकी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति की वजह से भी मिली है। नागपुर के आसपास लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में कई महत्वपूर्ण बाघ अभयारण्य स्थित हैं, जिससे यह शहर वन्यजीव प्रेमियों, फोटोग्राफरों और संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक आदर्श केंद्र बन गया है। नागपुर को इसके संतरों के लिए ऑरेंज सिटी ऑफ इंडिया भी कहा जाता है।

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