'नोएडा में डूबते इंजीनियर 'युवराज मेहता' को बचाने के लिए क्या किया...?' हाई कोर्ट के SDRF और NDRF से सवाल

नोएडा में आईटी इंजीनियर युवराज मेहता की 16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने से मृत्यु हो गई थी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा में आईटी इंजीनियर की मृत्यु के मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) से पूछा है कि युवराज मेहता को बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए। न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की पीठ ने 27 वर्षीय युवराज मेहता की मृत्यु के मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

Yuvraj Mehta Death

'नोएडा में डूबते इंजीनियर 'युवराज मेहता' को बचाने के लिए क्या किया...?' हाई कोर्ट के सवाल (फाइल फोटो)

युवराज मेहता की 16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने से मृत्यु हो गई थी। अदालत ने 17 मार्च को पारित अपने आदेश में कहा, 'हमने नोएडा द्वारा दायर जवाबी हलफनामे का भी अध्ययन किया है और हमने पाया है कि मामले में दोषी पाए गए विभिन्न बिल्डर को छह फरवरी, 2026 को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर खामियों को दूर करने के लिए कहा गया था, लेकिन जवाबी हलफनामे में इस बात का कोई उल्लेख नहीं है कि क्या उपचारात्मक कदम उठाए गए और क्या वास्तव में उठाए गए उपचारात्मक कदमों का सत्यापन किया था।'

'किसी नोडल अधिकारी को नामित किया गया है या नहीं?'

अदालत ने कहा, 'इसके अलावा, हलफनामा में यह भी उल्लेख नहीं है कि क्या आपात स्थितियों से निपटने और ऐसी स्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए किसी नोडल अधिकारी को नामित किया गया है या नहीं।'

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