कल यानी गुरुवार 4 जून को दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश हुई। दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाएं चलने लगीं, जो जल्द ही आंधी में बदल गई। गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश भी होने लगी। मई में पड़ी भीषण गर्मी से राहत तो पिछले हफ्ते आए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से ही मिल गई थी। कल सुबह से जो तेज धूप खिली हुई थी, उसके कारण बढ़ी गर्मी भी आंधी-बारिश से जाती रही। आंधी-बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर में कई पेड़ गिर गए। कुछ पेड़ों की साखें गिरीं, कहीं खंबे और ट्रांसफार्मर भी गिर गए। इस सब से भेत्र में जनजीवन काफी ज्यादा प्रभावित हुआ। लेकिन प्रश्न ये है कि आखिर जून की शुरुआत में उसका कारण क्या है? क्यों हवाएं इतनी तेज हो गईं कि बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए? चलिए जानते हैं -
दिल्ली-एनसीआर में क्यों आया आंधी-तूफान?
किन इलाकों के लिए थी चेतावनी
भारत मौसम विभाग (IMD) ने दोपहर बाद अपने नाउकास्ट अलर्ट में दिल्ली के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने की संभावना जताई थी। जिन इलाकों के लिए IMD ने यह चेतावनी जारी की थी, उनमें नरेला, अलीपुर, बुराड़ी, बादली, मॉडल टाउन, करावल नगर, आजादपुर, दिल्ली यूनिवर्सिटी का इलाक, सिविल लाइंस, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, कश्मीरी गेट, शाहदरा, विवेक विहार और लाल किला सहित NCR का लोनी देहात क्षेत्र भी शामिल था।
दिल्ली के हालात ने किया मौसम को ट्रिगर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कई अनुकूल परिस्थितियों के एक साथ आने के कारण गुरुवार को दिल्ली में ऐसा मौसम हुआ। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ था। गर्म और उमस भरे मौसम के चलते सतह के पास बड़ी मात्रा में गर्म ऊर्जा जमा हो गई थी। दिन के दौरान तापमान बढ़ने पर गर्म हवा तेजी से ऊपर उठी और वातावरण में अस्थिरता बढ़ी।
इस तरह से बदला मौसम का मिजाज
दिल्ली के गर्म मौसम के साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं ने वातावरण में पर्याप्त नमी उपलब्ध कराई। जब यह गर्म और नम हवा ऊंचाई पर पहुंचकर ठंडी हवा से मिली तो तेजी से विशाल क्यूम्युलोनिम्बस बादल बने। यही बादल गरज-चमक, ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज आंधी जैसी मौसमी घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने भी निभाई अहम भूमिका
जानकारों का मानना है कि उत्तर भारत के ऊपर एक्टिवि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने भी इस प्रणाली को मजबूती दी। पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर की नम हवाओं के मेल से वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई, जिसके कारण दिल्ली-एनसीआर में गर्म हवाओं के विचलन की स्थितियां बनीं।
प्री-मानसून गतिविधियों के लिए अलर्ट
तूफानी बादलों के अंदर बनने वाले शक्तिशाली डाउनड्राफ्ट्स के कारण कई इलाकों में अचानक तेज हवाएं चलीं। कुछ जगहों पर ऊंचाई पर जमे बर्फीले कण जमीन तक पहुंचने के कारण हल्की ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के बाद तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्री-मानसून आंधी-तूफान स्थानीय स्तर पर काफी तेज हो सकते हैं, जिससे बिजली गिरने, पेड़ गिरने और जलभराव जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में भी दिल्ली-NCR में इसी तरह की गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इससे तापमान नियंत्रण में रहेगा, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
