Video: भीलवाड़ा में त्योहार का अद्भुत नजारा, पंचमुखी मोक्षधाम में रंग-गुलाल से नहीं चिता भस्म से खेली गई होली

होली पर जहां देशभर में रंगों की बरसात होती है, वहीं भीलवाड़ा के पंचमुखी मोक्षधाम में एक अलग ही दृश्य देखने को मिलता है। यहां श्रद्धालु पारंपरिक रंगों की बजाय चिता की भस्म से होली खेलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। आधी रात को श्मशान घाट भक्ति, जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से श्रद्धामय उत्सव स्थल में बदल जाता है।

Bhilwara News: होली के अवसर पर जहां पूरे देश में रंग और गुलाल की धूम रहती है, वहीं भीलवाड़ा शहर के पंचमुखी मोक्षधाम में एक अनोखी परंपरा देखने को मिली। यहां श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रंगों की जगह चिता की भस्म से होली मनाई। आधी रात को बड़ी संख्या में लोग मोक्षधाम पहुंचे और काशी के काशी विश्वनाथ मंदिर के मणिकर्णिका घाट की परंपरा से प्रेरित होकर भस्म की होली खेली। जिस श्मशान भूमि पर आमतौर पर लोग दिन में भी जाने से हिचकते हैं, वही स्थान रात में आस्था और भक्ति का केंद्र बन गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि, आरती की उजास और हाथों में जलती मशालें लिए श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर दिखाई दिए। पूरा वातावरण “जय भैरव बाबा” के उद्घोष से गूंजायमान हो उठा।

Unique Holi Celebration at Panchmukhi Mokshdham in Bhilwara

भीलवाड़ा में होली का अनोखा उत्सव

चिता की राख से तैयार भस्म से होली

शहर के बीचों-बीच स्थित पंचमुखी मोक्षधाम में होली के पावन अवसर पर प्राचीन मसानिया भैरवनाथ मंदिर से भैरव बाबा की आकर्षक पालकी यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ पालकी के पीछे-पीछे चलते हुए पूरे मोक्षधाम परिसर में परिक्रमा करते दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक रंगों और गुलाल की बजाय चिता की राख से तैयार भस्म से होली मनाई और एक-दूसरे को भस्म लगाकर अपनी आस्था व्यक्त की।

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