दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त कदम उठाया है। अब बिना वैध पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से सड़कों पर चलने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगेगी और हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों के अनुसार हर वाहन के लिए वैध पीयूसी सर्टिफिकेट होना जरूरी है। इसके बावजूद कई वाहन बिना पीयूसी के चल रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। अब ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन दें, जिनके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र हो। साथ ही परिवहन विभाग, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को भी आदेश के सख्त पालन के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे समय पर अपने वाहन का पीयूसी बनवाएं और स्वच्छ दिल्ली बनाने में सहयोग करें।
दिल्ली में कितना गठन?
फिलहाल, दिल्ली में पॉल्यूशन की स्थिति ठीक नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 220 दर्ज किया गया, जो ’खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि मंगलवार शाम चार बजे पिछले 24 घंटे का औसत एक्यूआई 177 दर्ज किया गया जो, ’मध्यम’ श्रेणी में आता है।
सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ’अच्छा’, 51 से 100 के बीच ’संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ’मध्यम’, 201 से 300 के बीच ’खराब’, 301 से 400 के बीच ’बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ’गंभीर’ माना जाता है। हालांकि, दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (एक्यूईडब्ल्यूएस) ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि बुधवार शाम तक एक्यूआई में सुधार होकर यह फिर से ’मध्यम’ श्रेणी में आ जाएगा और अगले कुछ दिनों तक इसी स्तर पर बना रहेगा।
