Varanasi Police: वाराणसी के राजघाट पुल से फिर युवक ने गंगा नदी में छलांग लगा दी है। अपने ई-रिक्शा पर मोबाइल और चप्पल रखकर युवक नदी में कूद गया। राहगीरों की नजर उस पर पड़ी तो उसे बचने के प्रयास किए, लेकिन जब तक कोई उसके करीब पहुंचता वह नदी में कूद गया। राहगीरों ने कॉल करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया। गोताखोरों की काफी खोजबीन के बाद भी अब तक युवक बरामद नहीं हुआ है।
वाराणसी में गंगा नदी में युवक ने लगाई छलांग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
युवक की पहचान बड़े बाजार निवासी इमरान के रूप में हुई है। वह दो भाइयों में छोटा था। परिवार वालों ने बताया कि, एक साल से इमरान ई-रिक्शा चला रहा था। कुछ महीनों से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। सुबह वह घर से अपना ई-रिक्शा लेकर निकला था।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
परिवार वालों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने ई-रिक्शा, इमरान की चप्पल और मोबाइल को जब्त कर लिया। पुलिस अब यह जानना चाह रही है कि, इमरान ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस का कहना है कि, युवक की कॉल डिटेल की जांच कराई जाएगी। ताकि कुछ सुराग हाथ लगे। इसके अलावा उसके दोस्तों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जाएगी।परिवार से अलग रह रहे दुकानदार ने एक दिन पहले की थी आत्महत्या
शहर के लक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत अपार्टमेंट में एक दिन पहले ही मोबाइल दुकानदार ने जहर खाकर जान दे दी थी। देर रात वह अपने घर में गया और अगली सुबह बाहर नहीं निकला। इस पर 45 वर्षीय आशीष के भाई नितिन को शक हुआ। वह उसके कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा तो भाई के मुंह से झाग निकल रहा था। आशीष को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर लक्सा थाना अध्यक्ष अनिल कुमार साहू का कहना है कि, आशीष ने जहर खाकर जान दी है। वहीं, उसके भाई नितिन ने बताया कि, आशीष की पत्नी निधि मेहरोत्रा अपने बेटे आयुष के साथ रहती है। आशीष उनके साथ रहता था। आशीष और निधि की शादी 2009 में हुई थी, लेकिन काफी समय से दोनों अलग रह रहे थे।
