Kashi Tamil Samagam 2024: शिव के धाम में तमिलों का 'वणक्कम', मिशन 2024 के लिए दक्षिणी किला भेदने की कोशिश में PM मोदी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 16, 2023, 08:52 AM IST

Kashi Tamil Samagam 2024- वाराणसी में 17 दिसंबर से काशी तमिल संगमम के द्वितीय संस्करण का आयोजन होना है। खास बात ये है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम के जरिए पीएम मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए दक्षिण में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं।

Kashi Tamil Samagam 2024: उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रिश्तों की नई इबारत लिखने के लिए काशी का प्रसिद्ध नमो घाट तैयार है। 17 दिसंबर को कल-कल की आवाज करती गंगा और उसके किनारे देश की दो सबसे पुरानी संस्कृतियों का महासंगम होगा। सनातन संस्कृति के दो सबसे बड़े केंद्र रामेश्वर और विशेश्वर का मिलन होने जा रहा है। यहां ना सिर्फ संस्कृतियों का आदान प्रदान होगा, बल्कि भाषाई दूरियां भी मिट जाएंगी। भारत के दो भागों को एकता के सूत्र में पिरोने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। 17 दिसंबर को जब पीएम काशी तमिल संगमम के दूसरे संस्करण की शुरुआत करेंगे तो हर किसी की नजर इस पर टिकी होगी।

Kashi Tamil Samagam

काशी में कल आएंगे पीएम मोदी

सियासी दुर्ग में सेंध लगाने की कोशिश में पीएम मोदी

पिछले दस सालों से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, उनकी गिनती देश के सबसे ताकतवर नेता के तौर पर होती है। ये सत्य है कि वर्तमान नेताओं की सूची में कोई दूसरा उनके आसपास भी नहीं है, लेकिन ये उससे बड़ा सत्य है कि देश के दक्षिणी राज्यों से अभी भी मोदी की पहुंच से दूर है। ऐसे में साल 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले दक्षिण भारत के लोगों के दिलों को जीतने के लिए मोदी ने बड़ा प्लान तैयार किया। दरअसल, मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक फिर से काशी तमिल संगमम कार्यक्रम होने जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम के जरिए बीजेपी दक्षिण के सियासी दुर्ग में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

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