Swami Ajitananda Suicide: वाराणसी के लक्सा में श्रीरामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में रह रहे 55 वर्षीय स्वामी अजितानंद ने आज फंदे से झूलकर जान दे दी। सेवाश्रम के सदस्यों ने कॉल करके पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने बताया कि सेवाश्रम में रहने वाले लोगों के मुताबिक स्वामी अजितानंद कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। उनका इलाज भी चल रहा था। ऐसे में सेवाश्रम के सदस्यों का कहना है कि स्वामी ने अवसाद में यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
वाराणसी में स्वामी अजितानंद ने की आत्महत्या
श्रीरामकृष्ण सेवाश्रम में 2019 से रह रहे थे स्वामी अजितानंद
बता दें कि लक्सा का यह श्रीरामकृष्ण सेवाश्रम 120 साल पुराना है। स्वामी अजितानंद साल 2019 में लक्सा स्थित इस सेवाश्रम से जुड़े थे और यहां रह रहे थे। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हावड़ा के रहने वाले थे। सेवाश्रम के दूसरे फ्लोर के कमरे नंबर 3 में पंखे में लाल रंग के गमछे से फंदे बनाकर स्वामी अजितानंद झूल गए। इसे देख लोगों ने शोर मचाया। इसके बाद सेवाश्रम के सभी सदस्य कमरे में पहुंचे और फिर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा।
स्वामी के परिजनों को दी गई जानकारी
घटना के बाद सेवाश्रम प्रबंधन और पुलिस ने स्वामी अजितानंद के परिजनों को कॉल करके उनके सुसाइड करने की जानकारी दे दी है। इस संबंध में एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय का कहना है कि सेवाश्रम के लोगों से पूछताछ में जानकारी मिली है कि डिप्रेशन की वजह से स्वामी अजितानंद ने सुसाइड कर लिया है। परिजनों के वाराणसी पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। पोस्टमार्टम हो जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फॉरेंसिक टीम ने स्वामी अजितानंद के कमरे की बारीकी से जांच की है। यहां से साक्ष्य भी टीम ने इकट्ठा कर लिया है।
परिजनों से भी की जाएगी पूछताछ
पुलिस का कहना है कि परिजन जब वाराणसी पहुंच जाएंगे तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी। ताकि स्पष्ट हो सके कि स्वामी ने यह कदम क्यों उठाया। परिजन हावड़ा से रवाना हो चुके हैं।
