Varanasi News: वाराणसी कैंट स्टेशन पर अब भदोही, जंघई और प्रतापगढ़ रूट के लिए अलग प्लेटफार्म होंगे। माल गोदाम के पास तीसरा एंट्री गेट बन रहा है। इस गेट से होकर नए प्लेटफार्म नंबर 10 और 11 पर यात्रियों का आना-जाना होगा। यहां प्लेटफार्म निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह मार्च तक पूरा हो जाएगा। जबकि ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया है। अप्रैल से इसके माध्यम से लोगों का आवागमन होने लगेगा।
वाराणसी रेलवे स्टेशन से अलग-अलग शहरों के लिए प्लेटफार्म किए गए तय
दरअसल, स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम करने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। अब तक कई ट्रेनों को बनारस (मंडुआडीह) स्टेशन से परिचालित किया जाता रहा है। स्टेशन पर रिमॉडलिंग प्रक्रिया काफी तेजी से चल रही है। प्लेटफार्म नंबर 10 और 11 पर अलग से टिकट काउंटर भी बनाए गए हैं।
दोनों नए प्लेटफार्म चार और पांच नंबर प्लेटफार्म से भी जुड़ेंगे
प्लेटफार्म नंबर 10 और 11 को प्लेटफार्म नंबर चार और पांच से भी जोड़ा जाएगा। इन प्लेटफार्म के विस्तारीकरण की योजना मार्च तक आकार ले सकती है। अगर, यात्री पश्चिमी छोर से कैंट स्टेशन तक आना चाहें तो इससे जा सकेंगे। यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी। इस संबंध में कैंट स्टेशन के निदेशक गौरव दीक्षित का कहना है कि, कैंट स्टेशन का दबाव कम करने की दिशा में दो नए प्लेटफार्म बनवाए जा रहे हैं। यह दोनों नए प्लेटफार्म बेहद अहम साबित होंगे। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। मार्च तक यह बन जाएंगे। इनके निर्माण का काम काफी तेजी से चल रहा है।
तीसरे फुट ओवरब्रिज की अगले साल मिलेगी सौगात
कैंट स्टेशन पर बन रहे नए फुट ओवरब्रिज पर गर्डर लांचिंग पूरा हो गया है। कैंट स्टेशन पर यह तीसरा फुट ओवरब्रिज होगा। नई बिल्डिंग प्लेटफार्म नंबर एक से छावनी इलाका स्थित प्लेटफार्म नंबर 9 जुड़ जाएगा। ऐसे में कैंट स्टेशन पर तीन फुट ओवरब्रिज हो जाएंगे। कैंट स्टेशन से छावनी इलाके में पहुंचने में काफी सहूलियत हो जाएगी। 10 मीटर चौड़े ब्रिज पर गर्डर चढ़ाने में दो महीने का समय लगा है। बता दें, पुश पुल तकनीक से गर्डर लांचिंग के मामले में कैंट स्टेशन को पहले स्टेशन की उपलब्धि हासिल हुई है। अब तक इस काम को क्रेन या अन्य माध्यमों से पूरा किया जाता रहा है।
