Varanasi Charcoal Plant: चारकोल प्लांट का परीक्षण सफल, 200 टन कचरे से 70 टन कोयला बना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2023, 12:53 PM IST

Ramna Charcoal Plant: वाराणसी में कचरे से कोयला उत्पादन की योजना साकार हो चुकी है। प्लांट में कचरे से कोयला उत्पादन का सफल परीक्षण कर लिया गया है। इसके बाद यहां भारी मात्रा में कचरे से कोयले के उत्पादन का रास्ता साफ हो गया है। अब रमना में हर दिन सैकड़ों टन कचरे से कई टन कोयले का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा प्लांट में इकाइयों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • प्लांट में हर दिन 600 टन कचरे से बना 200 टन कोयला
  • प्लांट में 200 टन क्षमता की दो और इकाइयां लगेंगी
  • वैकल्पिक तौर पर भी होगी एक इकाई


Coal From Waste in Varanasi: जिले के रमना में निर्माणाधीन प्लांट में कचरे से कोयला बनाने वाली 200 टन क्षमता की इकाई का परीक्षण सफल हो गया है। परीक्षण के दौरान 200 टन कचरे से 70 टन कोयले का उत्पादन हो गया है। एनटीपीसी के अधिकारी का कहना है कि प्लांट में सफल परीक्षण के बाद अन्य दो इकाइयां बनाई जाएंगी। गौरतलब है कि एनटीपीसी द्वारा रमना में कचरे से कोयला बनाने वाला देश का पहला प्लांट बन रहा है।

varanasi charcoal

वाराणसी में प्लांट में कचरे से बना चारकोल (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्लांट में हर दिन 600 टन कचरे से 200 टन कोयले का उत्पादन किया जाएगा। प्लांट में 200 टन क्षमता की और दो इकाइयां बनाई जाएंगी। इसके साथ ही विकल्प के रूप में एक और इकाई लगाए जाएगी। प्लांट की पहली इकाई से बुधवार को 70 टन कचरे का उत्पादन हो गया। कार्यदायी संस्था मैकावर बीके के महाप्रबंधक चंदर उदय सिंह का कहना है कि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए 200 टन कचरे से पहली बार 70 टन कोयले का उत्पादन किया गया है।

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