मणिकर्णिका घाट पर होगा पंडित छन्नूलाल मिश्र का अंतिम संस्कार; श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता

बेटी नम्रता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि काशी उनकी आत्मा में बसती थी, उनका जाना संगीत जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। नम्रता ने कहा कि मैं मां विंध्यवासिनी से प्रार्थना करती हूं कि मेरे पिता को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनका आशीर्वाद हम पर बना रहे।

वाराणसी : प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार को निधन हो गया। उनकी बेटी नम्रता मिश्रा ने बताया कि अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। पैतृक गांव में छन्नूलाल मिश्र को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लग गया। गायक की बेटी नम्रता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि काशी उनकी आत्मा में बसती थी, उनका जाना संगीत जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। नम्रता ने कहा कि मैं मां विंध्यवासिनी से प्रार्थना करती हूं कि मेरे पिता को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनका आशीर्वाद हम पर बना रहे। मेरे पिता सभी से प्रेम करते थे। काशी उनकी आत्मा में बसती थी। मेरे बड़े भाई दिल्ली से आ रहे हैं। उनके पहुंचते ही हम मणिकर्णिका घाट पर पिताजी का अंतिम संस्कार करेंगे।

Pandit Chhannulal Mishra Last Rites

पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन (फोटो-@kashikirai)

उन्होंने कहा कि पूरे शासन-प्रशासन का बहुत सहयोग मिला। डॉक्टर्स की पूरी टीम लगी थी। सबने अपना पूरा प्रयास किया, लेकिन पिता को बचा नहीं पाए। उनका जाना संगीत जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। यह बात हर कलाकार, हर संगीत प्रेमी समझ सकता है। अब पिताजी की आवाज रिकॉर्ड और सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे बीच रहेगी। बता दें कि छन्नूलाल मिश्रा को तीन सप्ताह पहले हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें बीएचयू के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान उनके सीने में इंफेक्शन और शरीर में खून की कमी पाई गई। कुछ दिनों तक इलाज चलने के बाद वह ठीक हुए तो बीएचयू से छुट्टी मिल गई।

End of Feed