वाराणसी

भारतीय रेलवे की नई पहल; ट्रेनों में मैकेनाइज्ड सफाई की क्रांति, यहां लगे ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों को वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर स्वच्छ और आकर्षक और शानदार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यात्रियों को बेहतर सफाई और सुरक्षित माहौल देने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट के माध्यम से पानी, समय और संसाधनों की उल्लेखनीय बचत हो रही है।

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ट्रेनों में मैकेनाइज्ड सफाई की पहल (सांकेतिक फोटो)

Photo : ANI

Indian Railways Train Maintenance: भारतीय रेलवे ने छपरा, बनारस, गोरखपुर समेत कई स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों को वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर स्वच्छ और आकर्षक बनाने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इसके तहत रेलवे ने प्लेटफॉर्म की सफाई के लिए मैकेनाइज्ड तरीकों और कोचों की धुलाई के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग शुरू कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, पूर्वोत्तर रेलवे के औंड़िहार, छपरा, बनारस, गोमती नगर और सी.बी. गंज स्टेशनों पर ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाए गए हैं। ये प्लांट कोचों की बाहरी सतह के साथ-साथ शौचालय के निचले हिस्से की भी गहन सफाई करते हैं, जिससे संक्रमण की आशंका कम हो जाती है। परंपरागत मैनुअल धुलाई की तुलना में ये ऑटोमैटिक सिस्टम लगभग 80 प्रतिशत पानी की बचत करते हैं।

जहां पहले एक रेक (22 कोच) की धुलाई में 180 मिनट और लगभग 6600 लीटर पानी लगता था, वहीं अब ऑटोमैटिक प्रणाली से यही कार्य मात्र 10 से 12 मिनट में और सिर्फ 1320 लीटर पानी में पूरा हो रहा है। इस प्रकार रेलवे न केवल पानी की भारी बचत कर रहा है, बल्कि समय और संसाधनों की भी बड़ी मात्रा में बचत हो रही है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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