Gyanvapi Masjid Case Latest Update in Hindi: उत्तर प्रदेश (यूपी) के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद वाले परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई सर्वे) होगा या नहीं? यह थोड़ी देर मे ंसाफ हो जाएगा। वाराणसी जिला अदालत का फैसला अब किसी भी समय आ सकता है। हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का ASI से सर्वे कराने की मांग की है जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया है। हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद की असलियत सामने लाने के लिए मस्जिद परिसर का वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी है।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
सर्वे से साफ होगी वास्तविकता- हिंदू पक्ष
दरअसल, ज्ञानवापी में सील किए गए वजूखाने को छोड़कर बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र का एएसआई से रडार तकनीक के जरिए सर्वे कराने को लेकर आवेदन दिया गया था। हिन्दू पक्ष के वकील की ओर से दलील दी गई थी कि सर्वे से स्पष्ट हो जाएगा कि इस मस्जिद की वास्तविकता क्या है। हिंदू पक्ष की ओर से जहां सर्वे की मांग की गई थी, वहीं अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने इसका कड़ा विरोध किया।मसले पर क्या है काशी के मुसलमानों की राय?
पूरे प्रकरण के लगभग दो साल बीत जाने के बाद जब टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर ने इस मसले (एएसआई सर्वे से जुड़े) पर स्थानीय मुसलमानों से बात की वे बोले- एएसआई जांच की बात सही है। जो सही मुद्दा और चीज है...वह रखी जाए। जब शिवलिंग का साक्ष्य मिला है, पर लोग मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में न्यायालय ही हमारे पास एक मात्र साधन है। वहां से न्याय की उम्मीद की जा सकती है। जांच के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।ज्ञानवापी मस्जिद विवाद की टाइमलाइनः एक नजर में
- 18 अगस्त 2021: पांच महिलाओं की श्रृंगार गौरी की पूजा की याचिका
- 26 अप्रैल 2022: वाराणसी कोर्ट के ज्ञानपावी के सर्वे के आदेश, अजय मिश्रा कोर्ट कमिश्नर नियुक्त
- छह मई 2022: सभी पक्षों की मौजूदगी में सर्वे का काम शुरू हुआ
- सात मई 2022: कोर्ट कमिश्नर की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे
- 12 मई 2022: सर्वे के लिए दो और कोर्ट कमिश्नर नियुक्त हुए थे
- 16 मई 2022: ज्ञानवापी के वजूखाने में शिवलिंग होने का दावा ठोंका गया, सील
- 19 मई 2022: ज्ञानवापी मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश, श्रृंगार गोरी पूजा की याचिका को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
- 20 मई 2022: टॉप कोर्ट के आदेश पर पहले वर्शिप एक्ट पर सुनवाई करिए
- 12 सितंबर 2022: वाराणसी कोर्ट का फैसला- वर्शिप एक्ट लागू नहीं; कथित शिवलिंग की आगे कार्बन डेटिंग की मांग
- 14 अक्टूबर 2022: यह मांग जिला जज ने खारिज कर दी थी
- नवंबर 2022: कार्बन डेटिंग पर निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती
- जनवरी 2023: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एएसआई से सवाल- क्या बिन नुकसान हो सकती है कार्बन डेटिंग?
- फरवरी 2023: हाईकोर्ट ने एएसआई को हलफनामा दायर करने को दो हफ्ते का वक्त दिया
- आठ अप्रैल 2023: एएसआई के जवाब दाखिल न करने पर कार्बन डेटिंग की सुनवाई टल गई
- 10 अप्रैल 2023: मुस्लिम पक्ष की वजू को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका स्वीकार
- 12 मई 2023: हाईकोर्ट ने कार्बन डेटिंग की मांग स्वीकार की थी, जिला अदालत से लगी रोक हटाई
- 16 मई 2023: पूरे ज्ञानवापी परिसर की एएसआई सर्वे की मांग वाली याचिका स्वीकार हुई
- 18 मई 2023: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था मुस्लिम पक्ष
- 19 मई 2023: कार्बन डेटिंग की मंजूरी के हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई
- 31 मई 2023: श्रृंगार गौरी पूजा रोकने की मांग हाई कोर्ट से खारिज हुई
- 11 जुलाई 2023: सुप्रीम कोर्ट में शिवलिंग का सर्वे कराने की मांग पर सुनवाई टली, मुस्लिम पक्ष से मांगा गया जवाब।
