Mahashivratri in Varanasi: वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के अलावा इन मंदिरों में कर सकते हैं पूजा, पूरी होंगी मनोकामनाएं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 16, 2023, 03:33 PM IST

Varanasi News: वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। यह कहा जाता है कि यह शहर भगवान शिव के त्रिशुल पर खड़ा है। यहां के लोगों में भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा है। जिले में कई प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर हैं, जहां महाशिवरात्रि पर हजारों शिव भक्त पहुंचेंगे। इन मंदिरों में शिवलिंग के दर्शन मात्र से आपकी सारी मनोकामना पूरी हो जाती है। यही वजह है कि साल-दर-साल मंदिरों में शिव भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • देश भर से ज्योतिर्लिंग बाबा विश्वनाथ की पूजा करने आते हैं श्रद्धालु
  • तिल भांडेश्वर महादेव से भी जुड़ी है लोगों की गहरी आस्था
  • हर महाशिवरात्रि पर जौ के बराबर खुद-ब-खुद बढ़ता जागेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग


Famous Shiv Temple in Varanasi: शनिवार को महाशिवरात्रि है। इसको लेकर पूरे वाराणसी में बेहद उत्साह है। शिव नगरी वाराणसी में भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए उत्साहित हैं। देश भर में प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ धाम में सबसे अधिक शिव भक्त आते हैं। यहां पिछले 10 दिनों से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर तैयारी चल रही है। इस मंदिर में ज्योतिर्लिंग है। यहां बाबा विश्वनाथ मां भगवती के साथ विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि पवित्र गंगा नदी में स्नान और काशी विश्वनाथ के दर्शन से मोक्ष मिलता है।

kashi vishwanath jpg

काशी विश्वनाथ धाम में देश भर से पूजा करने आते हैं श्रद्धालु

इसके अलावा तिल भांडेश्वर महादेव की पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगती हैं। यहां का शिवलिंग काशी के सबसे बड़े तीन शिवलिंगों में से एक है। हर साल शिवलिंग में तिल भर की वृद्धि होती है। ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन समय में इलाके में तिल की खेती होती थी। एक दिन अचानक तिल के खेतों के बीच से शिवलिंग बाहर निकल आया। तब से शिवलिंग की पूजा की जा रही है। यहां शिवलिंग पर तिल चढ़ाने की परंपरा है।

End of Feed