Varanasi Ropeway Operation: शहर में फरवरी से रोप-वे निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए सबसे पहले रोप-वे रूट को खाली कराया जाना है। बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर, पेड़ आदि हटाए जाएंगे। विभाग के मुताबिक कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक अगले महीने में जनसुविधाओं की लाइन शिफ्टिंग शुरू की जाएगी। इस काम के लिए शासन से 173 करोड़ रुपए की मांग की गई है। रूट के लिए चिह्नित जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
वाराणसी में ऐसा बनेगा रोप-वे (सांकेतिक तस्वीर)
कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक 3.75 किलोमीटर लंबे रोप-वे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 1.59 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) का कहना है कि सबसे पहले जनसुविधाओं की लाइन शिफ्ट कराई जानी है। इसके पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते से निर्माण शुरू हो जाएगा।
कैंट स्टेशन से गोदौलिया सिर्फ 17 मिनट में पहुंचेंगे
रोप-वे से दोनों दिशाओं से एक घंटे के अंदर नौ हजार लोग यात्रा कर पाएंगे। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक की दूरी 3.75 किलोमीटर है। इसे रोप-वे से तय करने में 17 मिनट ही लगेंगे। जबकि निजी वाहन या सार्वजनिक वाहन से इतनी दूरी तय करने में 45 से 60 मिनट लगते हैं। इसकी वजह सड़क पर लगने वाला भीषण जाम है। रोप-वे रूट के लिए 218 केबल कार लगाई जाएगी। डेढ़ से दो मिनट के अंदर लोगों को केबल कार मिलेगी। रोप-वे से लोग कम समय एवं आसानी से एक से दूसरी जगह आ और जा सकेंगे।
अलग-अलग विभागों ने तैयार किया है खाका
रोप-वे निर्माण होने से इस रूट से संबंधित अन्य रूटों को भी जाम से निजात मिलेगी। अभी इस रूट पर जाम लगने से संबंधित रास्तों पर भी जाम लग जाता है। वैसे, इसके निर्माण में रोड़ा बन रहे बाधाओं को दूर करने के लिए अलग-अलग विभागों ने खाका तैयार किया है। सभी विभाग बहुत जल्द अपना-अपना काम शुरू कर देंगे।
पहले चरण में सिगरा तक होगा संचालन
पहले चरण में रोप-वे कैंट स्टेशन से सिगरा तक संचालित किया जाएगा। इन दोनों स्टेशनों के बीच सफल संचालन के बाद रथयात्रा, गिरिजाघर तिराहा और गोदौलिया स्टेशन बनाया जाएगा। इतना ही नहीं कैंट से गोदौलिया तक परियोजना सफल होने पर इसका विस्तार किया जाना है। इसके तहत गोदौलिया से मैदागिन और लंबा की ओर रोप-वे बनाया जाएगा।
