भारतीय रेल ने यात्रियों के सफर को और भी यादगार बनाने के लिए एक शानदार और अनोखी पहल की है। अब वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्री भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक और प्रामाणिक व्यंजनों का आनंद अपनी सीट पर बैठकर ही ले सकेंगे। रेल मंत्रालय और IRCTC की इस पहल का मकसद यात्रियों को केवल मंज़िल तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और पाक विरासत से रू-बरू कराना है।
इन राज्यों के व्यंजनों का मिलेगा स्वाद
अब वंदे भारत ट्रेनों में महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, बिहार और कश्मीर जैसे राज्यों के लोकप्रिय क्षेत्रीय पकवान परोसे जा रहे हैं। नागपुर–सिकंदराबाद वंदे भारत में जहां महाराष्ट्र का कांदा पोहा, आंध्र प्रदेश का आंध्र कोडी कुरा और डोंडकाया करम पोडी फ्राई यात्रियों की थाली में सज रहा है, वहीं मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर और साबरमती–वेरावल वंदे भारत में गुजराती मेथी थेपला और मसाला लौकी का स्वाद मिल रहा है।
आलू फूलकोपी हावड़ा का मजा
ओडिशा की खुशबू लिए आलू फूलकोपी हावड़ा–पुरी वंदे भारत में परोसी जा रही है। केरल की पारंपरिक थाली जिसमें सफेद चावल, कडला करी, पचक्का चेरुपायर, केरल पराठा, दही और पालाडा पायसम शामिल हैं — कासरगोड–तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु–तिरुवनंतपुरम वंदे भारत में यात्रियों का दिल जीत रही है।
कोशा पनीर का जायका
पश्चिम बंगाल के जायकों में कोशा पनीर, आलू पोटोल भजा और मुर्गिर झोल शामिल हैं, जो अलग-अलग वंदे भारत ट्रेनों में परोसे जा रहे हैं। बिहार की पहचान बन चुके चंपारण पनीर और चंपारण चिकन भी अब वंदे भारत यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं।
उत्तर भारत में डोगरी और कश्मीरी व्यंजनों का भी खास इंतजाम किया गया है। अंबल कद्दू, जम्मू चना मसाला, टमाटर चमन और केसर फिरनी जैसे व्यंजन माता वैष्णो देवी कटरा रूट की वंदे भारत ट्रेनों में परोसे जा रहे हैं, जो यात्रियों को कश्मीर और जम्मू की पारंपरिक रसोई से जोड़ते हैं।
