Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में शनिवार को कई जगहों पर हल्की बारिश हुई जबकि देहरादून में बारिश के साथ ओले भी गिरे। देहरादून में दिन भर धूप और छांव का खेल चलता रहा तथा देर शाम तेज हवा और बारिश के साथ ओले भी गिरे। देहरादून मौसम केंद्र के अनुसार, उखीमठ में 18 मिमी, रुद्रप्रयाग में 14.5 मिमी, पिथौरागढ़ में 12.1, कौसाानी में 12, श्रीनगर गढ़वाल में 11, जखोली में 9.5 और बेरीनाग में 7.5 मिमी बारिश हुई। केंद्र ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहे। देहरादून में अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। पंतनगर, मुक्तेश्वर और टिहरी में भी अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री तक कम दर्ज किए गये जो क्रमश: 34, 22.1 और 22 डिग्री सेल्सियस रहे ।
उत्तराखंड के देहरादून में बारिश के साथ ओलावृष्टि
इन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने भारतीय मौसम विभाग द्वारा राज्य में खराब मौसम, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सभी जिलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग ने 4 और 5 मई 2026 के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। वहीं 5 मई 2026 के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश
इसके अलावा, राज्य के अन्य जिलों में 2 मई से 6 मई 2026 तक येलो अलर्ट लागू रहेगा। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश
साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएमजीएसवाई और सीमा सड़क संगठन (BRO) सहित सभी संबंधित विभागों को भूस्खलन या अवरोध की स्थिति में सड़कों को तुरंत बहाल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। ग्राम स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और आपदा प्रबंधन उपकरणों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संचार व्यवस्था को हर समय सुचारू रखने पर जोर दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत समन्वय किया जा सके। स्कूलों को भी विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
