उत्तराखंड में इन दिनों मानसूनी बारिश की वजह से जहां-तहां तबाही के मंजर दिख रहे हैं। इस बीच उत्तरकाशी जिले की हर्षिल वैली में बादल फटने की खबर है। बादल फटने से यहां एक सैलाब (Flash Flood) आया, जिसकी चपेट में हर्षिल के पास ही मौजूद धराली कस्बा आ गया। बताया जा रहा है कि धराली में बरसाती नाले के आसपास बने कई घर बह गए हैं।
हर्षिल वैली में बादल फटने से तबाही
अब तक मिली जानकारी के अनुसार अनुमान जताया जा रहा है कि इस फ्लैशफ्लड में करीब 15 घर बह गए हैं। इसमें 10 लोगों के लापता होने की भी सूचना है। आर्मी और पुलिस की टीम राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। NDRF की टीम भटवाड़ी से धराली के लिए निकल चुकी है, जबकि ऋषिकेश से अन्य टीमें भी राहत व बचाव के लिए भेजी गई हैं।
इधर SDRF के आईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि धराली के सबसे करीब मौजूद SDRF की टीम वहां पहुंच गई है और वहां राहत व बचाव कार्य में जुटी है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि DM और SP दोनों मौके के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा, आशंका है कि वहां लोगों की मौत हुई होगी। हमने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को वहां भेजा है।
तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर - Uttarakhand Cloudburst: हर्षिल में बादल फटने के बाद ऐसा था मंजर, तस्वीरों में देखें
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हर्षिल में बादल फटने से आई तबाही के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की। इस बीच ITBP की टीम को भी धराली के लिए रवाना कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बादल फटने की इस घटना और उससे हुए नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि NDRF, SDRF की टीमें युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।
पुलिस और आर्मी की टीम मौके पर पहुंच गई है। जबकि एसडीआरएफ की टीम भी जल्द ही वहां पहुंच सकती है। SDRF की टीम भटवाड़ी से निकल गई है।
सूचना के अनुसार बादल फटने की यह घटना दोपहर 1.55 बजे हुई। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टाइम्सनाऊ नवभारत से बात करते हुए बताया कि वहां पर काफी नुकसान हुआ है, लेकिन जनहानि कितनी हुई है, अभी इसके बारे में नहीं कहा जा सकता।
धराली गंगोत्री रूट पर है और यह क्षेत्र धार्मिक व सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। निलॉन्ग वैली के लिए भी यहां से रास्ता जाता है, जहां पर अतंरराष्ट्रीय बॉर्डर है।
