उत्तराखंड : पहाड़ों पर सुरक्षित हेलीकॉप्टर संचालन की मांग, SC ने याचिका का लिया संज्ञान; तीर्थ यात्रियों को मिले सुरक्षित सफर

जब केदारनाथ से लौट रहे तीर्थयात्रियों का हेलीकॉप्टर खराब मौसम में गौरीकुंड के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक दो वर्षीय बच्चा भी शामिल था।

देहरादून : उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सफर आसान बनाने के लिए हेली सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन, यहां हादसों का भी खतरा बना रहता है। इसी साल जून में हुए एक बड़े हेलीकॉप्टर हादसे के बाद अधिवक्ता शुभम अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें पर्वतीय इलाकों के लिए विशेष SOPs, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और खराब मौसम में उड़ानों पर रोक जैसे कदम उठाने की अपील की गई है। यह मामला न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष आया।

SC on Kedarnath Heli Accident

सुप्रीम कोर्ट ने केदारनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना का संज्ञान लिया

वरिष्ठ अधिवक्ता संजय नूली ने अदालत में याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए कहा कि विमानन नियामक संरचना में गंभीर खामियां हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकारें और DGCA विफल रही हैं। याचिका में कहा गया है कि उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए कोई ठोस नियामक व्यवस्था नहीं है।

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