UP News: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस आज से लोकतंत्र बचाओ सप्ताह की शुरुआत करने जा रही है। 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत पार्टी प्रदेश के सभी जिलों में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित करेगी। अभियान के जरिए कांग्रेस चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
यूपी में कांग्रेस का लोकतंत्र बचाओ सप्ताह आज से (फोटो- kashikirai1)
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वोट बचाओ देश बचाओ मार्च
अभियान के दौरान सभी जिलों में वोट बचाओ देश बचाओ मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च स्थानीय स्तर पर महात्मा गांधी या डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक जाएगा। कांग्रेस ने अपने संगठन को निर्देश दिया है कि इन कार्यक्रमों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों को भी साथ जोड़ा जाए।
अभियान के पहले दिन यानी 2 अक्टूबर को सभी जिलों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बाद ब्लॉक और वार्ड स्तर पर भी बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
अजय राय की बड़ी तैयारी
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने जिला और महानगर अध्यक्षों को अभियान को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम में राज्य स्तर के नेताओं की भी भूमिका तय की गई है। निर्देश के मुताबिक राज्य के वरिष्ठ नेता अपने अपने जिलों में जिला और शहर नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में मौजूद रहेंगे। हालांकि अजय राय के खुद आज किस जिले में कार्यक्रम में शामिल होने की कोई आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने इस अभियान में नेता विधानमंडल दल, प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। यानी सात दिन के इस अभियान को केवल जिला कांग्रेस का कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर संगठन की पूरी ताकत के साथ चलाने की तैयारी है।
अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन
लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के कार्यक्रमों में संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन भी किया जाएगा। यह अनुच्छेद लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वयस्क मताधिकार के आधार पर मतदान के अधिकार से जुड़ा है। कांग्रेस इसी प्रावधान को आधार बनाकर मतदाता के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।
कांग्रेस का यह अभियान चुनाव आयोग को लेकर चल रहे उसके विरोध का अगला चरण है। पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठा रही है। इन मांगों को लेकर पहले भी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। अब इसी मुद्दे को जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी है।
गांधी जयंती से शुरू हो रहा यह अभियान इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस ने इसके लिए गांधी और आंबेडकर की प्रतिमाओं को केंद्र में रखा है। जिला स्तर के मार्च के जरिए पार्टी संविधान, मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को सीधे जनता के बीच ले जाने की कोशिश करेगी।
आठ अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में बैठकों से लेकर मार्च और जनसंपर्क कार्यक्रम होंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदेश में कांग्रेस इस अभियान को कितना बड़ा रूप देती है और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल जिला स्तर पर इसमें किस तरह की भागीदारी करते हैं।
