UP News: उत्तर प्रदेश एटीएस (Anti-Terror Squad) ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो सीमा पार बैठे पाकिस्तानी गैंगस्टर्स और आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत में विध्वंसक घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में एक मेरठ का रहने वाला तुषार चौहान उर्फ 'हिज्बुल्ला' और दूसरा दिल्ली का समीर खान है।
गिरफ्तार संदिग्ध तुषार उर्फ हिज्बुल्ला (बाएं) और समीर (दाएं) | चित्र साभार: UP ATS
नोएडा से हुई गिरफ्तारी, भारी मात्रा में हथियार बरामद
यूपी एटीएस को लगातार सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर कुछ पाकिस्तानी गैंगस्टर्स सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एटीएस ने 23 अप्रैल 2026 को नोएडा से तुषार और समीर को धर दबोचा। इनके कब्जे से एक 32 बोर की पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
सोशल मीडिया बना कट्टरपंथ का हथियार
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मेरठ का रहने वाला 20 वर्षीय तुषार चौहान इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के संपर्क में आया था। कट्टरपंथ के प्रभाव में आकर उसने अपना नाम बदलकर 'हिज्बुल्ला अली खान' रख लिया था। वह पाकिस्तानी हैंडलर्स से वॉइस और वीडियो कॉल के जरिए बात करता था। उसे कुछ संवेदनशील ठिकानों की रेकी करने और विशिष्ट व्यक्तियों पर ग्रेनेड हमले करने का टास्क दिया गया था।
'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' बनाने की साजिश
दूसरे अभियुक्त समीर खान को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दीवारों पर 'TTH' (Tehrik-e-Taliban Hindustan) लिखने और नए लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ने का काम सौंपा था। ये दोनों आरोपी इंक्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे मेजर हमीद और मेजर इकबाल जैसे आईएसआई एजेंटों के भी संपर्क में थे। उन्हें लालच दिया गया था कि काम पूरा होने के बाद उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुला लिया जाएगा। शहजाद भट्टी ने इन युवकों को आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के बदले भारी रकम का लालच दिया था। तुषार को काम शुरू करने से पहले 50,000 रुपये और काम पूरा होने के बाद 2.5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि इन लोगों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ मिलकर कुछ लोगों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। एटीएस ने लखनऊ थाने में इन दोनों के खिलाफ यूएपीए (UAPA) और बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल्स का पता लगाने की कोशिश करेगी।
