बलरामपुर में 'शिक्षा की उड़ान' कार्यक्रम में बोले सीएम योगी, रामायण से लेकर झांसी की रानी के योगदान को किया याद

बलरामपुर में 'शिक्षा की उड़ान' कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने स्टडी टेबल व आशीर्वाद-पत्र बांटे। मुख्यमंत्री ने नारी सुरक्षा, सम्मान व बेसिक शिक्षा के सुधार पर संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने रामायण काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक नारी शक्ति को याद किया।

जनपद बलरामपुर में आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' पहल के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद-पत्र वितरण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज में नारी शक्ति के अद्वितीय योगदान, बेसिक शिक्षा में आए क्रांतिकारी सुधारों और महिला सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी, बहन और हर महिला की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना कोई भी समाज विकास की बुलंदियों को नहीं छू सकता।

CM Yogi Adityanath Balrampur

बलरामपुर में बोलते मुख्यमंत्री (X/@myogiadityanath)

"नारी का वंदन ही सनातन धर्म का मूल आधार"

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सनातन धर्म की परंपरा में वर्ष में दो बार यह विधान किया गया है कि हम मातृ शक्ति के प्रति सम्मान व श्रद्धा का भाव व्यक्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि "प्राचीन काल से भारत में यह मान्यता रही है, 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः'। अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। जहां नारी शक्ति का अपमान होता है, वह स्थान नरक जैसा बन जाता है। जो समाज अपनी नारी शक्ति का वंदन नहीं कर सकता, वह कभी विकास की बुलंदियों को नहीं छू सकता।"

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