उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। एक ओर जहां सत्ता पक्ष ने विपक्ष से जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक बहस और सदन की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों (सपा और कांग्रेस) ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति तैयार कर ली है। ऐसे में चार दिवसीय इस सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद में तीखी नोकझोंक और हंगामे के पूरे आसार दिख रहे हैं।
आज से शुरू हो रहा मानसून सत्र (फाइल फोटो)
पहली बार गाया जाएगा पूरा 'वंदे मातरम्'
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि इस बार का मानसून सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है। भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप सत्र के पहले दिन सदन में पहली बार पूरा 'वंदे मातरम्' राष्ट्रगीत गाया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से लोकतंत्र की परंपराओं को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा: "लोकतंत्र में सहमति और असहमति दोनों का समान महत्व है। बहस और विमर्श से ही लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत होती हैं। सदस्यों को किसी भी प्रकार की अभद्रता से बचते हुए सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।"
पहले दिन शोक प्रस्ताव, संभल हिंसा जांच रिपोर्ट होगी पेश
सत्र के पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के 5 बार के वरिष्ठ विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित कर दी जाएगी। वहीं विधान परिषद में निर्धारित कार्यवाही चलेगी।
छह अगस्त तक चलने की संभावना वाले इस संक्षिप्त सत्र में सरकार पिछले सत्र के बाद जारी किए गए नौ अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयकों के साथ कुछ नए विधेयक भी पेश करेगी। इसके अलावा, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) के प्रतिवेदन और 24 नवंबर 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित 3-सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी पटल पर रखी जाएगी।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष जनहितकारी मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामला और SIT रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग, ग्रामीण क्षेत्रों में गहराता बिजली संकट और किसानों के लिए खाद की किल्लत, बढ़ती बेरोजगारी, युवाओं पर लाठीचार्ज और शिक्षा का निजीकरण जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरेगा। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि 4 दिन का सत्र अपर्याप्त है और जनता के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
सर्वदलीय बैठक में सीएम योगी की अपील
सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सदस्यों से विकासात्मक और जनहित के मुद्दों पर स्वस्थ चर्चा में सहयोग करने का अनुरोध किया। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भरोसा दिलाया कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का नियमानुसार और तथ्यपरक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
