Unnao News: पेट की कोई भी दिक्कत हो और कुछ हल्का खाने का जी करे तो, सबसे पहले जो खाना दिमाग में आता है उसका नाम है- खिचड़ी। सेहतमंद, सुपाच्य और स्वादिष्ट लेकिन यही हल्का खाना उन्नाव के एक पूरे परिवार पर भारी पड़ गया। मामला उन्नाव के दही थाना क्षेत्र का है, जहां एक मामूली सी खिचड़ी पूरे परिवार के लिए जी का जंजाल बन गई। बीते शुक्रवार को घर में बनी खिचड़ी खाने के बाद परिवार के 9 सदस्यों की तबीयत इस कदर बिगड़ी कि पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सबको अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
बीमार लोगों का इलाज जारी
खिचड़ी खाते ही बिगड़ी तबीयत
मामला दही थाना क्षेत्र के दुआ नंदौली गांव का है। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को परिवार के सभी सदस्यों ने साथ मिलकर खिचड़ी खाई थी। लेकिन खाने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते घर के 9 लोग बिस्तर पर पड़ गए। आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को जब वे मरीजों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तो वहां तैनात डॉक्टरों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय सिर्फ खानापूर्ति की। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने सही से इलाज नहीं किया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर वापस भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि उस वक्त अगर सही इलाज मिला होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
दोबारा बिगड़ी हालत, हायर सेंटर रेफर
रविवार को घर पहुंचे मरीजों की हालत अचानक फिर से बिगड़ने लगी। कई मरीजों की स्थिति नाजुक होते देख परिजन उन्हें दोबारा भागकर जिला अस्पताल लाए। इस बार डॉक्टरों ने आनन-फानन में जांच की और कई सदस्यों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। बीमार अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका सरकारी सिस्टम की बदहाली पर गुस्सा भी दिख रहा है। फिलहाल, मरीजों का इलाज चल रहा है और कुछ की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
