Vrindavan Tragedy: वृंदावन के चैतन्य विहार इलाके में पानी की टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत हो गई। हादसे में एक छात्र सुरक्षित बाहर निकल आया। घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि संस्थान में करीब 100 बच्चे रह रहे थे और इसकी मान्यता को लेकर भी जांच की जाएगी।
वृंदावन में टंकी की सफाई करने उतरे थे पांच बच्चे, जहरीली गैस ने ली चार की जान
मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने व घायल छात्र के उचित इलाज के निर्देश दिए।
12 से 14 फीट गहरी थी पानी की टंकी
जानकारी के अनुसार, यह घटना वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित संस्कृत स्कूल (गुरुकुलम) की है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के मुताबिक, गुरुकुलम परिसर में करीब 12 से 14 फीट गहरी अंडरग्राउंड पानी की टंकी बनी हुई थी। जिसमें दुर्गंध आने के कारण छात्रों ने इसे साफ करने की कोशिश की थी।। पहले मोटर की मदद से टंकी से पानी निकाला गया। कुछ पानी बचने के बाद छात्रों ने अंदर जाकर सफाई शुरू की।
एक छात्र बेहोश हुआ तो चार और अंदर गए
डीएम ने बताया कि एक छात्र सबसे पहले टंकी के अंदर उतरा, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से वह बेहोश हो गया। उसे बचाने के प्रयास में चार अन्य छात्र भी टंकी के अंदर चले गए। इसके बाद पांचों छात्र अंदर बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके। मौके पर मौजूद लोगों ने सभी छात्रों को टंकी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, चार छात्रों की मौत हो गई। मृतकों की उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच थी। वहीं, जीवित बचे छात्र की पहचान रुद्र के रूप में हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार, छात्र होश में था और बातचीत कर रहा था।
गुरुकुलम की मान्यता की होगी जांच
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, यह गुरुकुलम मध्य प्रदेश के आशीष कुमार शर्मा द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसमें करीब 200 छात्र पंजीकृत हैं, जबकि लगभग 100 छात्र वर्तमान में परिसर में रह रहे थे। हादसे के बाद प्रशासन ने संस्थान की मान्यता और संचालन की परिस्थितियों की जांच का फैसला किया है। डीएम ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच कर यह पता लगाएंगे कि घटना कैसे हुई, क्या गुरुकुलम को आवश्यक मान्यता प्राप्त थी और छात्रों को पानी की टंकी साफ करने के लिए किन परिस्थितियों में भेजा गया। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र के अन्य गुरुकुलों और उनकी इमारतों का फिर से ऑडिट किया जाएगा। पुलिस घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
