दिल्ली : दिल्ली में प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर मासूमों की जान पर भारी पड़ते-पड़ते बची। वजीराबाद थाना इलाके के जगतपुर गांव में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे अचानक सड़क किनारे खुले फ्लड ड्रेन में गिर गए। इस दिल दहला देने वाली घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों और एक ऑटो चालक की सूझबूझ से तीनों बच्चों की जान बच गई। सवाल यह है कि आखिर मानसून से पहले नालों को ढकने के दावे कहां गए?
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना
दिल्ली के जगतपुर गांव के एंट्री गेट के पास स्कूल की छुट्टी के बाद तीन मासूम बच्चे अपने घर लौट रहे थे। तभी सड़क किनारे बना खुला फ्लड ड्रेन उनके लिए मौत का गड्ढा बन गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि बच्चे सड़क पर चलते-चलते अचानक संतुलन खोते हैं और एक-एक कर गहरे नाले में गिर जाते हैं। कुछ ही सेकंड में वहां अफरा-तफरी मच जाती है।
हादसे के समय सड़क पर ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। इसी वजह से आसपास मौजूद लोगों की नजर तुरंत बच्चों पर पड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक ऑटो चालक ने बिना समय गंवाए नाले में उतरकर बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। अन्य लोगों ने भी उसका साथ दिया और कुछ ही मिनटों में तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते मदद मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया।
यह घटना प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हर साल मानसून से पहले बड़े नालों को ढकने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि राजधानी में आज भी कई फ्लड ड्रेन खुले पड़े हैं। यही लापरवाही पहले भी कई लोगों की जान ले चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी सबक लेते नजर नहीं आते।
आज तीन मासूमों की जान एक ऑटो चालक और स्थानीय लोगों की बहादुरी से बच गई। लेकिन अगर उस वक्त ट्रैफिक जाम न होता या मदद के लिए कोई मौजूद न होता, तो यह घटना एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। सवाल यही है कि आखिर कब तक खुले नाले लोगों की जान के दुश्मन बने रहेंगे और कब जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
